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NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन पर बोले पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान, जानिए क्या लिखा

Irfan Pathan On Student's Protest: देश भर में नीट पेपर लीक के विरोध में हो रहे प्रदर्शन को लेकर तमाम नामी हस्तियां अपनी-अपनी राय साझा कर रही हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने भी सोशल मीडिया पर इसको लेकर पोस्ट किया है। यहां जानिए उन्होंने क्या लिखा है।

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इरफान पठान ने नीट पेपर लीक के विरोध में हो रहे प्रदर्शन पर पोस्ट लिखा (X/AP)

NEET पेपर लीक को लेकर हो रहे देशव्यापी विरोध पर पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने अपनी बात रखी है। X पर एक पोस्ट में उन्होंने विरोध कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई। उन्होंने लिखा, "हर छात्र बेहतर भविष्य के लिए सालों तक कड़ी मेहनत करता है और उनके परिवार भी इस दौरान कई त्याग करते हैं। किसी भी पेपर लीक को उस उम्मीद को छीनने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।"

इरफान पठान ने आगे लिखा, "मुझे पूरा भरोसा है कि हमारा देश और अधिकारी यह पक्का करेंगे कि हर छात्र को सही मौका मिले। मुझे यह भी उम्मीद है कि ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए हर मुमकिन कदम उठाया जाएगा। हमारे छात्र ही हमारा भविष्य हैं, उनके सपनों की रक्षा करें।"

इससे पहले, महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच समाज से ईमानदारी, कड़ी मेहनत और काबिलियत (मेरिट) को बनाए रखने की अपील की थी। एक्स पर एक पोस्ट में, अपने पिता की सीख को याद करते हुए कि, "असफलता ठीक है, लेकिन नकल करना नहीं," तेंदुलकर ने गुरुवार को कहा कि कड़ी मेहनत का फल न मिलने पर छात्रों की निराशा समझी जा सकती है। उन्होंने माता-पिता, शिक्षकों, स्कूलों, प्रशासकों और समाज से ऐसा माहौल बनाने का आह्वान किया जहाँ ईमानदारी को बढ़ावा मिले, काबिलियत को इनाम मिले और युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित रहें।

तेंदुलकर ने एक पोस्ट में कहा, "मेरे पिता एक प्रोफेसर थे। वे कई युवा छात्रों के लिए मार्गदर्शक और गुरु थे। उन्होंने शुरू से ही एक सीख दी थी: 'असफलता ठीक है, लेकिन नकल करना नहीं। कभी शॉर्टकट न अपनाएं।' समाज में बड़े होने के नाते, हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम संस्कृति को आकार दें। जो समाज कोशिश के बजाय नतीजों को प्राथमिकता देता है, वह काबिलियत के बजाय शॉर्टकट ढूंढेगा। आज, जब छात्र निराश महसूस करते हैं कि उनकी कड़ी मेहनत का फल नहीं मिला, तो यह बात समझ में आती है।"

उन्होंने आगे कहा, "हमें मिलकर यह पक्का करना चाहिए कि उन्हें दोबारा ऐसा महसूस न हो। युवा भारत सपनों और ऊर्जा से भरा है। वे हमारी सफलता का ईंधन हैं। एक समाज के तौर पर, हम सभी की - जिसमें माता-पिता, शिक्षक, दोस्त, रिश्तेदार, स्कूल और प्रशासक शामिल हैं - एक बड़ी ज़िम्मेदारी है और अलग-अलग भूमिकाएं हैं ताकि यह पक्का किया जा सके कि हमारे युवा प्रेरित और ऊर्जावान बने रहें।"

तेंदुलकर ने ऐसे कल्चर की मांग की जो कड़ी मेहनत को इनाम दे, ईमानदारी को बढ़ावा दे और काबिलियत को पहचान दिलाए। उन्होंने युवाओं के भविष्य और सपनों को सुरक्षित करने के लिए समाधान खोजने का भरोसा भी जताया। उन्होंने कहा, "हमें एक ऐसा माहौल बनाना होगा जहाँ कड़ी मेहनत को इनाम मिले, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और काबिलियत की जीत हो। मुझे यकीन है कि हम सब मिलकर ऐसे समाधान निकालेंगे जो हमारे बच्चों के भविष्य को मज़बूत करेंगे और उनके सपनों को सुरक्षित रखेंगे। जय हिंद!"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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