Assam Flood: असम में बाढ़ से पैदा हुए हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, छह और लोगों की जान जाने के बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 47 हो गई है। राज्य के 11 जिलों के 939 गांवों में 6.53 लाख से अधिक लोग इस विनाशकारी बाढ़ की चपेट में हैं। भारी मानसूनी बारिश के कारण राजधानी गुवाहाटी के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
नागालैंड में बादल फटना बना तबाही का कारण
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने गुरुवार को गोलाघाट जिले के देरगांव में एक राहत शिविर का दौरा किया और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। स्थिति को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पड़ोसी राज्य नागालैंड में हुए बादल फटने के कारण ऊपरी इलाकों से आए भारी पानी ने असम के चार प्रमुख जिलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। सीएम हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि मेरा अनुमान है कि मौतों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। यह पूरा संकट नागालैंड में बादल फटने के कारण पैदा हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी फोन कर आश्वासन दिया है कि एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल जल्द असम पहुंचेगा।
शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित जिला
ASDMA की रिपोर्ट के अनुसार, शिवसागर जिला इस बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहां अकेला आंकड़ा 3,92,195 प्रभावितों का है। इसके बाद चराईदेव (1.10 लाख), जोरहाट (97,690), गोलाघाट (25,591) और डिब्रूगढ़ (13,390) जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा छह लोग., जिसमें तीन पुरुष और तीन महिलाएं अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य भर में ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी कई सहायक नदियां उफान पर हैं और कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन राहत शिविरों के जरिए भोजन और दवाइयां मुहैया कराने में जुटा हुआ है।
