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हीरे की रसीद पर आंख मूंद कर न करें भरोसा, इस तरह असली और नकली की होगी पहचान

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Apr 11, 2023, 04:52 PM IST

Diamond GEm Testing Fraud: डायमंड खरीदते समय एक रिपोर्ट मिलती है। पर कई बार पता नहीं चलता है कि ये रिपोर्ट असली है या नकली है। ऐसे में लोग नकली स्टोन को असली बताकर बेवकूफ बनाते हैं। आज हम आपको इसी के बारे में बता रहे हैं। ऐसे में आज हम जालसाज लोग कैसे लोगों इस तरह की धोखाधड़ी में फंसते हैं उसके बारे में बता रहे हैं।

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Diamond GEm Testing Fraud: हीरा खरीदते समय रिपोर्ट पर जरूर ध्यान दें।

Diamond GEm Testing Fraud: डायमंड खरीदते समय एक रिपोर्ट मिलती है। पर कई बार पता नहीं चलता है कि ये रिपोर्ट असली है या नकली है। ऐसे में लोग नकली स्टोन को असली बताकर बेवकूफ बनाते हैं। आज हम आपको इसी के बारे में बता रहे हैं। ऐसे में आज हम जालसाज लोग कैसे लोगों इस तरह की धोखाधड़ी में फंसते हैं उसके बारे में बता रहे हैं।

तीन तरह से चल रहा नकली रिपोर्ट का बिजनेस

  • नकली रिपोर्ट का बिजनेस मुख्य रूप से तीन तरीके से चल रहा है। जिसमें पहला है कि रिपोर्ट पूरी तरह से फेक होती जिसमें किसी लैब की कोई जानकारी ही नहीं होती है। उस रिपोर्ट में आपको न ही कोई फोन नंबर मिलेगा ना ही URL मिलेगा और न ही एड्रेस मिलेगा।
  • दूसरे तरीके में ये होता है कि सर्टिफेकेट तो ओरिजनल होगा पर स्टोन में बदलाव देखने को मिल सकता है। जब आप उस रिपोर्ट को वैरिफाई करेंगे, फोन नंबर, एड्रेस होगा आप उस लैब में जा भी सकते हैं पर जो सप्लायर है उसने स्टोन बदल दिया होगा। ऐसे में आप इसे कैसे चेक करेंगे।
  • कई बार तो GIA नंबर के साथ सिंथेकेट नंबर को भी बदल दिया जाता है। तीसरे तरीके में रिपोर्ट, स्टोन ओरिजनल है पर रिपोर्ट के साथ छेड़खानी की जाती है। अक्सर ये टेंपरिंग पर Gem रिपोर्ट के साथ की जाती है।

कैसे करें पहचान

ग्राहक को रिपोर्ट की जांच तसल्ली से कर लेनी चाहिए। रिपोर्ट को ओरिजनल है या नहीं ये समझने के लिए जिस लैब में स्टोन को सर्टिफाइड किया गया है उसे वहां ले जाएं और खुद ही सर्टिफाइड और वैरीफाई कर लें। आज कल रिपोर्ट में ट्रीटमेंट की जानकारी नहीं होती है। रूबी जो ग्लास फिल्ड होता है उसकी बाजार में कीमत बहुत सस्ती होती है उसमें ट्रीटमेंट लिखा ही नहीं होता है। आप एक रिपोर्ट को देखकर समझ ही नहीं सकते हैं कि ये रूबी अनहीटेड अनट्रीटेड है या नहीं। इसलिए ग्राहक को रिपोर्ट को रीसर्टिफाइड कराना चाहिए।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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