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कभी इस्तेमाल किया है ट्रेन का ये कोटा, आसानी से मिल जाती है कंफर्म सीट!

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 12, 2022, 05:49 PM IST

भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्कों में से एक है। यह हर दिन 2 करोड़ से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान करता है। भारतीय रेलवे की तत्काल आरक्षण योजना को 1997 में शॉर्ट नोटिस पर यात्रा करने वाले यात्रियों को बेईमान तत्वों और दलालों से बचाने के लिए शुरू किया गया था।

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ट्रेन में ऐसे पाएं कंफर्म टिकट (प्रतीकात्मक फोटो @Pixabay)

भारत में अगर त्योहारी सीजन में ट्रेन से यात्रा करनी हो तो कई महीने पहले टिकट कटवानी पड़ती है। कई रूट पर तो सालों भर टिकट वेटिंग में ही नजर आती है। ऐसे में कई ऐसे तरीके हैं, जिन्हें अपनाकर आप कंफर्म टिकट पा सकते हैं। भारतीय रेलवे में ऐसे कई कोटे हैं जिसके सहारे आसानी से कंफर्म टिकट मिल जाती है।

भारतीय रेलवे में कुल 19 प्रकार के कोटे होते हैं। जिसके जरिए टिकट काटे जाते हैं, सबसे ज्यादा लोग जनरल कोटे और तत्काल कोटे में टिकट कटवाते हैं। इसके अलावा वीआईपी कोटा, लेडीज कोटा, सीनियर सिटिजन कोटा, युवा कोटा समेत कई ऐसे रास्ते हैं, जिसके सहारे आप आसानी से कंफर्म टिकट पा सकते हैं।

वीआईपी कोटा (VIP Quota)- इसे रेलवे की भाषा में पार्लियामेंट हाउस कोटा भी कहा जाता है। यह सांसदों या पूर्व सांसदों को मिलता है। साथ ही केंद्र या राज्य सरकार के मंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज और विधायक भी इस कोटे से यात्रा कर सकते हैं। अगर आपकी जान पहचान किसी सांसद से है तो आपको कंफर्म टिकट आसानी से मिल जाएगी, भले ही वेटिंग कितनी भी हो। चार्ट तैयार होने से पहले सांसद अपने कोटे से रेलवे की वेटिंग टिकट को कंफर्म करा सकते हैं। हालांकि अगर संपर्क नहीं है तो भी इस कोटे के तहत सीट कंफर्म हो सकते हैं, लेकिन उसके लिए सीट का बचा होना जरूरी है और इसके लिए एक फॉर्म भरकर संबंधित कार्यालय और अधिकारियों के पास देना होता है।

महिला कोटा (Ladies Quota)

यह कोटा अकेले या 12 साल से कम उम्र के बच्चे के साथ यात्रा करने वाली महिला यात्रियों के लिए आरक्षित है। कुछ ट्रेनों में सेकेंड सीटिंग (2S) और स्लीपर क्लास (SC) में महिला यात्रियों के लिए छह बर्थ निर्धारित हैं।

मुख्यालय/उच्च अधिकारी कोटा (Headquarters/High official Quota )

रेलवे अधिकारियों, वीआईपी, नौकरशाहों आदि के लिए कम संख्या में सीटें / बर्थ आरक्षित होती हैं। सीटों का आवंटन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाता है। कोटा उन टिकटों पर लागू किया जा सकता है जो सामान्य कोटा में बुक किए गए हैं लेकिन प्रतीक्षा सूची में हैं।

शारीरिक रूप से विकलांग कोटा (Physically Handicapped Quota )

दिव्यांगजन कोटा शारीरिक रूप से अक्षम यात्रियों के लिए आरक्षित है। उन्हें यात्रा के लिए दो बर्थ दिए जाते हैं। निचला बर्थ विकलांग व्यक्ति के लिए होता है और साथ वाली सीट उसके साथ यात्रा करने वाले साथी के लिए।

रक्षा कोटा (Defence Quota)

जैसा कि नाम से पता चलता है, यह आईआरसीटीसी कोटा रक्षा अधिकारियों के लिए है और उनके आईडी कार्ड के माध्यम से इसका लाभ उठाया जा सकता है। इस कोटे के माध्यम से बुक किए गए टिकटों का उपयोग अक्सर स्थानांतरण के लिए, घर के लिए यात्रा करने या छुट्टी के बाद ड्यूटी में शामिल होने के लिए किया जाता है।

युवा कोटा (Yuva Quota)

ट्रेनों में युवा कोटा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) द्वारा प्रमाणित 18-45 वर्ष की आयु के बेरोजगार यात्रियों के लिए है। आईआरसीटीसी टिकट बुकिंग के दौरान इस रियायत का लाभ उठाने के लिए मनरेगा प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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