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Mutual Fund SIP: अपने लिए कैसे चुनें बेस्ट म्यूचुअल फंड, हमेशा इन बातों का रखें ध्यान

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Aug 12, 2024, 03:40 PM IST

Mutual Fund SIP: म्यूचुअल फंड्स की अलग-अलग कैटेगरी होती है और हर कैटेगरी का रिस्क लेवल भी अलग होता है। SIP के जरिए लोगों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म मिलता है, जिसके जरिए आप लॉन्ग टर्म में अपने फाइनेंशियल टार्गेट को हासिल कर सकते हैं। फंड के ऑलटाइम प्रदर्शन का वैल्यूएशन करें।

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SIP-Mutual Funds

Photo : iStock

Mutual Fund SIP: सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश पिछले कुछ साल में निवेश का एक बेहतरीन ऑप्शन बनकर उभरा है। यह लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है और इसमें लोग निवेश भी खूब रहे हैं। SIP के जरिए लोगों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म मिलता है, जिसके जरिए आप लॉन्ग टर्म में अपने फाइनेंशियल टार्गेट को हासिल कर सकते हैं। SIP म्यूचुअल फंड में समय-समय पर एक निर्धारित राशि निवेश करने का ऑप्शन देता है। म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश करते हैं, कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है।

अलग-अलग कैटेगरी

म्यूचुअल फंड्स की अलग-अलग कैटेगरी होती है और हर कैटेगरी का रिस्क लेवल भी अलग होता है। डायरेक्ट इक्विटी के मुकाबले इक्विटी म्यूचुअल फंड में रिस्क कम होता है। इसी तरह हर कैटेगरी का अलग रिस्क होता है। इसलिए इन्वेस्ट करने से पहले आपको उस फंड में मौजूद रिस्क के बारे में जान लेना चाहिए।

SIP चुनते समय रखें ध्यान

म्यूचुअल फंड चुनते समय अलग-अलग स्कीम्स के बारे में रिसर्च करें। ऐसे फंड्स को चुनें, जो आपके टार्गेट के मुताबिक हों। साथ ही रिस्क फैक्टर का भी कैलकुलेशन करें। स्पष्ट लक्ष्य निवेशकों को अपनी निवेश की योजना को पूरा करने में मददगार साबित होते हैं। एसआईपी वेल्थ जेनरेट करने के लिए एक व्यवस्थित और अनुशासित लैंडस्केप प्रदान करता है, जिससे निवेशकों को वित्तीय लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलती है।

फंड का प्रदर्शन

फंड के ऑलटाइम प्रदर्शन का वैल्यूएशन करें। लंबे समय तक लगातार प्रदर्शन एक सकारात्मक संकेतक है।

एक्सपेंस रेश्यो

यह शुल्क निवेश के प्रबंधन के लिए म्यूचुअल फंड द्वारा लिया जाता है। लो एक्सपेंस रेश्यों से हाई नेट रिटर्न प्राप्त होता है।

फंड मैनेजर का ट्रैक रिकॉर्ड

फंड मैनेजर का अनुभव और एक्सपर्टाइज फंड के प्रदर्शन को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं।

डायवर्सिफिकेशन

सुनिश्चित करें कि फंड जोखिमों को कम करने के लिए सभी सेक्टर और एसेट क्लास में डायवर्सिफिकेश प्रदान करता हो।

ऑटो-डेबिट का विकल्प चुनें

अनुशासित और संगठित निवेश के लिए, ऑटो-डेबिट मोड का उपयोग करें। इसमें तय तिथि पर एसआईपी राशि बैंक खाते से काट ली जाती है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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