देश में लगातार बढ़ते बिजली बिल के कारण अब लोग सोलर पैनल की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। सरकार भी इसमें मदद कर रही है। सोलर पैनल लगवाने के लिए ही सरकार ने पीएम सूर्य घर योजना की शुरुआत की है जिसके तहत सोलर पैनल लगवाने पर लोगों को सब्सिडी दी जा रही है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सोलर पैनल लगवाने के बाद एक साल में सोलर पैनल कितनी बिजली की बचत कर सकता है।
यह तो आप और हम जानते ही हैं कि एक बार सोलर सिस्टम लगवाने के बाद उपभोक्ता कई सालों तक बिजली बिल में बड़ी बचत कर सकते हैं। सही क्षमता का सोलर पैनल लगाने पर घर का बिजली खर्च काफी हद तक कम हो सकता है, लेकिन कितना? आइए जानते हैं....
1 साल में कितनी हो सकती है बचत?
जानकारों के मुताबिक, अगर किसी घर का मासिक बिजली बिल 2,000 से 3,000 रुपये के बीच आता है, तो सोलर पैनल लगाने के बाद 40 से 60 प्रतिशत तक बचत संभव है। वहीं जिन घरों का बिजली बिल 4,000 से 5,000 रुपये तक आता है, वे सालभर में 70 से 90 प्रतिशत तक बिजली खर्च कम कर सकते हैं। अधिक बिजली उपयोग करने वाले घरों में यह बचत लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
अलग-अलग क्षमता के सिस्टम से अलग बचत
विशेषज्ञ बताते हैं कि 1KW का सोलर सिस्टम छोटे घरों के लिए उपयुक्त माना जाता है, जिससे हर महीने करीब 300 से 500 रुपये तक की बचत हो सकती है। वहीं 2KW सिस्टम से 800 से 1,500 रुपये और 3KW सिस्टम से 1,800 से 3,000 रुपये तक मासिक बचत संभव बताई जाती है। बड़े घरों में लगाए जाने वाले 5KW सिस्टम से हर महीने 3,500 रुपये से ज्यादा की बचत हो सकती है।
एक बार खर्च, 25 साल तक फायदा
सोलर पैनल की सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबी लाइफ मानी जाती है। सामान्य तौर पर सोलर पैनल 25 साल या उससे ज्यादा समय तक काम कर सकते हैं। ऐसे में शुरुआती निवेश के बाद उपभोक्ताओं को लंबे समय तक कम बिजली बिल का फायदा मिलता है। कई कंपनियां पैनल पर 20 से 25 साल तक की परफॉर्मेंस वारंटी भी देती हैं।
सरकार भी दे रही सब्सिडी
घरों में सोलर सिस्टम लगाने को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार सब्सिडी भी दे रही है। जानकारी के अनुसार, 3KW तक के सिस्टम पर प्रति किलोवाट 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। यानी 3KW सिस्टम पर उपभोक्ताओं को करीब 90 हजार रुपये तक की राहत मिल सकती है।
पर्यावरण को भी होता है फायदा
एक्सपर्ट के मुताबिक सोलर ऊर्जा सिर्फ बिजली बिल कम करने का ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी बेहतर विकल्प है। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटती है और प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है। यही वजह है कि अब शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में सोलर पैनल की मांग तेजी से बढ़ रही है।
