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घर की नींव कितनी गहरी होनी चाहिए? जानें एक मंजिला, दो मंजिला और तीन मंजिला का मानक

किसी भी इमारत की उम्र और उसकी मजबूती पूरी तरह से उसकी नींव पर टिकी होती है। अगर नींव कमजोर या कम गहरी होगी, तो भविष्य में मकान में दरारें आने या उसके धंसने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए किसी भी मकान में एक परफेक्ट गहराई तक नींव होना जरूरी है।

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किसी भी घर की मजबूती उसकी नींव की गहराई पर निर्भर करती है। (फोटो क्रेडिट-iStock)

Ghar Ki Neev kitni Gehri Honi Chahiye: अपना खुद का घर बनाना हर किसी का एक बड़ा सपना होता है। घर बनाने से पहले घर के डिजाइन, फ्लोर, इंटीरियर का डिजाइन और उसके कलर को लेकर जमकर चर्चा होती है। हालांकि इनसे अलग एक चीज जो घर को सालों साल मजबूती देती है और साथ ही घर का पूरा बोझ सहती है वह है घर की नींव यानी फाउंडेशन। यह किसी भी घर का वह हिस्सा होता है जो दिखता नहीं है लेकिन पूरे घर की मजबूती इस पर निर्भर करती है।

सिविल इंजीनियर्स और आर्किटेक्ट्स का मानना है कि किसी भी इमारत की उम्र और उसकी मजबूती पूरी तरह से उसकी नींव पर टिकी होती है। अगर नींव कमजोर या कम गहरी होगी, तो भविष्य में मकान में दरारें आने या उसके धंसने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए किसी भी मकान में एक परफेक्ट गहराई तक नींव होना जरूरी है।

नींव की गहराई कितनी होनी चाहिए?

एक सामान्य घर के लिए नीव की गहराई कुछ चीजों पर निर्भर करती है। नींव की गहराई मिट्टी के प्रकार और कितने मंजिल का मकान बनना है उस पर निर्भर करती है। आइए आपको बताते हैं कि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार किसी भी मकान की नींव की गहराई क्या होनी चाहिए?

एक मंजिला मकान : अगर आप सिर्फ एक मंजिला यानी ग्राउंड फ्लोर ही बना रहे हैं तो इसके लिए नींव की कम से कम 3 से 4 फीट यानी करीब-करीब 0.9 से 1.2 मीटर तक होनी चाहिए।

दो से तीन मंजिला मकान : यदि आप दो या फिर तीन मंजिल का मकान बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो बता दें कि आपको इस तरह के मकान के लिए आपको नींव की गहराई कम से कम 5 से 7 फीट (1.5 से 2.1 मीटर) होनी चाहिए।

बहुमंजिला इमारतें: तीन मंजिल से अधिक मकान के लिए मिट्टी की जांच बहुत जरूरी होती है। अगर इसके नींव की गहराई की बात करें तो इसकी गहराई 7 फीट से ज्यादा या पाइल फाउंडेशन (Pile Foundation) के रूप में हो सकती है।

नींव के प्रकार

अगर आपको लगता है कि नींव सिर्फ एक तरह की होती है तो ऐसा नहीं है। अलग-अलग घर के लिए नींव का प्रकार भी अलग-अलग होता है। नींव की गहराई के साथ यह भी बहुत अधिक फर्क डालता है कि आप किस तरह की नींव बनवा रहे हैं।

स्ट्रिप या स्प्रेड फुटिंग (Spread Footing): यह सबसे आम प्रकार है, जिसका उपयोग दीवारों और कॉलम के नीचे भार को फैलाने के लिए किया जाता है। सामान्य घरों के लिए यह सबसे उपयुक्त और किफायती है।

राफ्ट या मैट फाउंडेशन (Raft Foundation): जब मिट्टी बहुत कमजोर होती है, तो पूरे घर के नीचे एक कंक्रीट की मोटी चादर (Slab) बिछा दी जाती है। यह पूरे घर के वजन को समान रूप से बांट देती है।

पाइल फाउंडेशन (Pile Foundation): इसमें गहरे खंभे (Piles) जमीन के अंदर तब तक धंसाए जाते हैं जब तक वे किसी मजबूत चट्टान तक न पहुंच जाएं। यह गगनचुंबी इमारतों या दलदली इलाकों के लिए होती है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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