How to Get Canada Citizenship: भारत और कनाडा के रिश्ते में खटास आ चुकी है। दोनों देशों के संबंधों के बीच खाई इतनी चौड़ी हो गई है कि भारत ने वीजा सर्विस को अनिश्चित काल के लिए सस्पेंड कर दिया है। साथ ही भारत सरकार ने कनाडा रह रहे भारतीयों के लिए एडवाइजरी भी जारी की. दरअसल, दोनों देशों के बीच संबंधों में कड़वाहगट की वजह कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का एक बयान है, जिसमें उन्होंने कहा था कि खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत का हाथ हो सकता है। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति है। कनाडा में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं। उन्हें कनाडा की नागरिकता मिली हुई है। लेकिन क्या कनाडा में नागरिकता लेना इतना आसान है? आइए समझ लेते हैं पूरा प्रोसेस।
रेसिडेंसी वीजा की जरूरत
किसी भी भारतीय को कनाडा में बसने के लिए परमानेंट रेसिडेंसी वीजा की जरूरत पड़ती है। कनाडा सरकार ने साल 2015 में एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम की शुरुआत की थी। इसके जरिए आसानी से कनाडा वीजा मिल जाता है। अगर किसी के परिवार का सदस्य पहले से कनाडा में रह रहा है, तो एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम के जरिए परमानेंट वीजा उसके नोन होने पर मिल सकता है।
स्कोरिंग सिस्टम
इसके अलावा कनाडाई सरकार ने आम लोगों के लिए स्कोरिंग सिस्टम रखा है। इसके जरिए बेहतरीन स्कोर वालों को पहले परमानेंट वीजा देती है। अगर कनाडा में भारतीयों की आबादी की बात करें, तो हाल ही में विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में जानकारी दी थी। संसद में विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया था कि अगस्त तक कनाडा में भारत के 1 लाख 78 हजार 410 लोग रहते हैं। वहीं, भारतीय मूल के नागरिकों की संख्या 1,51,0645 है।
कितनी है सिख आबादी?
कनाडा की 2021 की जनगणना के अनुसार, कनाडा में 2.1 फीसदी सिख आबादी है। संख्या में बात करें, तो ये 7 लाख 71 हजार है। इनमें से कई सिख कनाडा के नागरिक हैं और कुछ अप्रवासी हैं। भारत से बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स भी पढ़ाई के लिए कनाडा जाते हैं। मौजूदा समय में कनाडा की इकोनॉमी में शिक्षा का बहुत बड़ा योगदान है। हर साल विदेशों से पहुंचने वाले स्टूडेंट्स हायर एजुकेशन के लिए कनाडा के शैक्षणिक संस्थानों को फीस देते हैं। इन स्टूडेंट्स में भारतीय की संख्या सबसे अधिक होती है। आंकडों के अनुसार, अकेले भारत करीब 40 फीसदी का योगदान देता है।
