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फायदेमंद है हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी, मगर इन 8 बीमारियों और ट्रीटमेंट पर नहीं मिलेगा 1 रु का भी कवर

Health Insurance Policy: फाइनेंशियल प्लानिंग में बीमा अहम है। इससे आप मेडिकल इमरजेंसी के खर्चों से बच सकते हैं। मगर कुछ ऐसी बीमारियां और इलाज हैं, जो हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कवर नहीं करतीं।

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फायदेमंद है हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • जरूरी है मेडिकल इंश्योरेंस
  • पर 8 तरह के ट्रीटमेंट पर नहीं मिलता कवर
  • आनुवंशिक समस्या या जन्मजात रोग पर नहीं मिलेगा कवर

Health Insurance Policy: फाइनेंशियल प्लानिंग में बीमा पॉलिसी (Insurance Policy) को बहुत अहम माना जाता है। क्योंकि इससे आप मेडिकल इमरजेंसी के खर्चों से बच सकते हैं। मगर कुछ ऐसी बीमारियां और इलाज हैं, जो हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी (Health Insurance Policy) कवर नहीं करतीं। यहां हम आपको इनकी डिटेल देंगे।

ये ट्रीटमेंट नहीं होते कवर

लिपोसक्शन, बोटोक्स और अन्य कम्पेयरेबल ट्रीटमेंट स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों में कवर नहीं किए जाते हैं। दरअसल इन्हें जीवन के लिए खतरा या डेंजरस प्रोसीजर नहीं माना जाता है।

अल्कोहल और ड्रग

मादक चीजों के सेवन के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हेल्थ इंश्योरेंस में कवर नहीं होतीं। शराब और अन्य किसी नशीले पदार्थ का सेवन स्वैच्छिक है, इसलिए चिकित्सा बीमा योजनाएं ऐसे क्लेम को शामिल न करें ऐसा हो सकता।

आनुवंशिक समस्या या जन्मजात रोग

आनुवंशिक समस्या या जन्मजात रोग किसी व्यक्ति के शरीर में जन्म से मौजूद हो सकती हैं। पर ये बीमा पॉलिसियों के दायरे में नहीं आती हैं।

गर्भावस्था

बीमाकर्ता गर्भावस्था को स्वास्थ्य बीमा योजना में कवर की जाने वाली आवश्यकता के रूप में नहीं देखते हैं। फिर चाहे यह सिजेरियन सेक्शन हो या गर्भावस्था से संबंधित समस्या हो।

स्वैच्छिक गर्भपात

स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों में स्वैच्छिक गर्भपात की कॉस्ट को कवर नहीं किया जाता। क्योंकि भारत में गर्भपात सेवाओं के मामले में सीमित कानून हैं।

यदि बीमाधार को पहले से मधुमेह

यदि पहले से डायबिटीज (मधुमेह) और हाई ब्लड प्रेशर हो तो उसे भी बीमा कंपनियां कवर नहीं करेंगी। हालांकि कुछ कंपनियां इन्हें करती हैं।

खुद को पहुंचाई चोट

आपकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी अनजाने में हुई दुर्घटना और चोट के लिए कवर कर सकती है, लेकिन जानबूझकर खुद को नुकसान पहुंचाने या खुद को पहुंचाई गई चोटों को कवर नहीं किया जाएगा।

आईवीएफ और बांझपन का ट्रीटमेंट

आईवीएफ और अन्य बांझपन ट्रीटमेंट प्लानिंग के साथ होने वाले ट्रीटमेंट हैं और इसमें बड़ी रकम खर्च हो सकती है। इसलिए ये बीमा पॉलिसियों के अंतर्गत कवर नहीं होते हैं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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