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पैसा कहां जा रहा है? बेफिजूल के खर्चों की इन 7 तरीकों से करें पहचान

How To Monitor and Trim Unnecessary Expenses: अगर आप नियमित रूप से अपने खर्चों की निगरानी करते हैं और अनावश्यक खर्चों को कम करते हैं तो न सिर्फ आप पैसे बचा पाएंगे, बल्कि एक मजबूत वित्तीय भविष्य भी बना सकेंगे।

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बेफिजूल के खर्चों से बचने के लिए तुरंत करें ये काम (Photo: iStock)

How To Monitor and Trim Unnecessary Expenses: आज के समय में पैसा कमाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उसे सही तरीके से खर्च करना भी है। कई बार हम बिना सोचे-समझे छोटे-छोटे खर्च कर देते हैं, जो मिलकर बड़ी रकम बन जाते हैं। इसलिए अनावश्यक खर्चों की पहचान करना और उन्हें कम करना बेहतर मनी मैनेजमेंट का अहम हिस्सा है। इस आर्टिकल में आपको अनावश्यक खर्चों की पहचान कर उन्हें कम करने के ही कुछ तरीके बताने जा रहे हैं-

दैनिक खर्चों पर रखें नजर

सबसे पहले आप अपने खर्चों पर नजर रखना शुरू करें। इसके लिए एक नोटबुक, एक्सेल शीट या मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। हर दिन का खर्च लिखने से आपको यह समझ आएगा कि आपका पैसा कहां जा रहा है और किन चीजों पर खर्च हो रहा है। अक्सर देखा जाता है कि हमें पता ही नहीं चलता कि हम किस चीज पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं।

खर्चों को कैटेगरी में बांटें

बेफिजूल के खर्चों को मैनेज करने के लिए आप अपने खर्चों को कैटेगरी में बांट सकते हैं। जैसे जरूरी खर्च (किराया, बिजली, खाना) और गैर-जरूरी खर्च (ऑनलाइन शॉपिंग, बाहर खाना, सब्सक्रिप्शन)। इससे आपको साफ दिखेगा कि आप कहां कटौती कर सकते हैं।

बजट बनाना करें शुरू

बेफिजूल के खर्चों को रोकने के लिए एक बजट बनाना बेहद जरूरी है। हर महीने की आय के अनुसार खर्च की सीमा तय करें और उसी के भीतर रहने की कोशिश करें। बजट आपको अनुशासन में रखता है और फिजूलखर्ची से बचाता है।

सब्सक्रिप्शन और मेंबरशिप पर दें ध्यान

बेफिजूल के खर्चों को कम करना चाहते हैं तो अनावश्यक सब्सक्रिप्शन और मेंबरशिप को बंद करें। कई बार हम OTT प्लेटफॉर्म, जिम या ऐप्स के लिए पैसे देते रहते हैं, जिनका हम इस्तेमाल ही नहीं करते। ऐसे खर्च तुरंत बंद कर देने चाहिए।

Impulsive Buying से बचें

मनी मैनेजमेंट के लिए आपको impulsive buying (अचानक खरीदारी) से भी बचना चाहिए। जब भी कुछ खरीदने का मन करे 24 घंटे का नियम अपनाएं। अगर अगले दिन भी वह चीज जरूरी लगे, तभी खरीदें। इससे आप गैर-जरूरी चीजों पर पैसा खर्च करने से बचेंगे।

खर्च की सीमा तय करें

कैश या UPI से खर्च करते समय सीमा तय करें। डिजिटल पेमेंट आसान होने के कारण खर्च बढ़ जाता है, इसलिए खुद पर नियंत्रण रखना जरूरी है।

बचत को प्राथमिकता दें

बेफिजूल के खर्चों को कम करने के साथ बचत को प्राथमिकता दें। अपनी आय का एक हिस्सा पहले ही सेविंग में डाल दें, ताकि खर्च करने के लिए सीमित पैसा बचे।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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