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Credit Card Rules: एक्सिस और HDFC बैंक के ग्राहक ध्यान दें, क्रेड, Paytm और फोनपे से अब क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं भर पाएंगे

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 4, 2024, 12:08 PM IST

New Credit Card Rules Latest Updates in Hindi: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि के रीपेमेंट में बदलाव किया है। इन बैंकों ने भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) प्लेटफॉर्म पर खुद को रजिस्टर नहीं किया है। इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों ने ईटी को बताया कि फिनटेक लेनदेन की मात्रा में गिरावट के बारे में चिंतित हैं। क्रेडिट कार्ड के नियमों में हो रहे बदलाव, जानिए क्या-क्या होगा असर

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Credit Card New Rule

Photo : ET Now Digital

New Credit Card Rules: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि के रीपेमेंट में बदलाव किया है। ये बदलाव एक जुलाई से प्रभावी हो गए हैं। केंद्रीय बैंक के अनुसार, थर्ड पार्टी एप्लिकेशन के जरिए सभी क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) के माध्यम से किए जाने चाहिए। इसका प्रबंधन भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा किया जाता है। यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि ये बैंकिंग संस्थान भारत बिल पेमेंट सिस्टम के प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत नहीं हैं। इस वजह से एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख बैंकों के क्रेडिट कार्ड वाले ग्राहकों के पास अपने क्रेडिट कार्ड बिलों का भुगतान करने के लिए CRED, PhonePe, Amazon Pay और Paytm जैसे थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन का उपयोग करने का विकल्प नहीं होगा।

थर्ड पार्टी ऐप

दरअसल, इन बैंकों ने भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) प्लेटफॉर्म पर खुद को रजिस्टर नहीं किया है। इसका मतलब यह है कि ग्राहकों को अपने क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान वैकल्पिक चैनलों या सीधे बैंकों के अपने प्लेटफॉर्म के जरिए करना होगा। क्रेड, फोनपे और बिलडेस्क जैसे फिनटेक बिजनेस वाले थर्ड पार्टी ऐप के कारोबार को इससे नुकसान पहुंच सकता है। क्योंकि इन ऐप्स के जरिए पेमेंट में गिरावट आ सकती है।

ग्राहकों की भारी संख्या

इकोनॉमिक टाइम्स ने जून 2024 की एक न्यूज रिपोर्ट में कहा था कि एचडीएफसी बैंक, जिसके पास 20 मिलियन क्रेडिट कार्ड हैं और एक्सिस बैंक के पास 14 मिलियन क्रेडिट कार्ड के ग्राहक हैं। इन दोनों बैंकों ने अभी तक भारत बिल पेमेंट सिस्टम को (BBPS) एक्टिव नहीं किया है। इस तरह फोनपे जैसे गैर-अनुपालन लेंडर्स को अब उनके या किसी अन्य बीबीपीएस सदस्य प्लेटफॉर्म के लिए कार्ड की बकाया राशि को संभालने की अनुमति नहीं होगी।

कार्डहोल्डर्स के पास क्या है ऑप्शन

इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों ने ईटी को बताया कि फिनटेक लेनदेन की मात्रा में गिरावट के बारे में चिंतित हैं। क्रेडिट कार्डधारकों के पास अपने मंथली बिलों का भुगतान करने के लिए तीन विकल्प हैं। ऑटो-डेबिट रिक्वायरमेंट, नेटबैंकिंग (एनईएफटी या आईएमपीएस), और थर्ड पार्टी ऐप। इसमें से थर्ड पार्टी ऐप से पेमेंट बंद हो चुका है और सिर्फ पहले दो ऑप्शन बचे हैं।

इन बैंकों ने अपना लिया है भारत बिल पेमेंट सिस्टम

SBI, यूनियन बैंक AU स्मॉल फाइनेंस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, फेडरल बैंक, ICICI बैंक, IDBI बैंक, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सारस्वत बैंक ने भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) को लाइव कर दिया है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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