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National Consumer Rights Day पर जानें आपके पांच बड़े अधिकार, कोई नहीं बना पाएगा 'मूर्ख'

National Consumer Rights Day 2024: राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस की शुरुआत 1986 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के लागू होने से हुई, जिसे बाद में 2019 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम द्वारा अपडेट किया गया। यह कानून भारत में उपभोक्ता अधिकार आंदोलन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, जिसने शिकायतों के समाधान और मुआवजे की प्रक्रिया के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान किया।

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National Consumer Rights Day 2024

National Consumer Rights Day 2024: राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस, हर साल 24 दिसंबर को मनाया जाता है। यानी आज राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस है। यह दिन कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट-1986 के अधिनियम की याद दिलाता है। यह दिवस उपभोक्ताओं को शोषण से बचाने, निष्पक्ष व्यापार के नियमों को बढ़ावा देने और भ्रामक मार्केटिंग और अनुचित व्यापार रणनीतियों को चुनौती देने के लिए उन्हें सशक्त बनाने पर केंद्रित है। इस खास दिन पर हम आपको कंज्यूमर को मिलने वाले पांच बड़े अधिकारों के बारे में बता रहे हैं, जो आपके बेहद काम के हो सकते हैं।

राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस 2024

राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस, जिसे हर वर्ष 24 दिसंबर को मनाया जाता है, इस बार 2024 में श्री प्रल्हाद जोशी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में मनाया जाएगा। यह विशेष दिन उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समर्पित है। सरकारी संस्थान, उपभोक्ता संरक्षण संगठन, और शैक्षणिक संस्थाएं इस अवसर पर जागरूकता अभियानों, कार्यशालाओं और शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं।

राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस का इतिहास

  • राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस की शुरुआत 1986 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के लागू होने से हुई, जिसे बाद में 2019 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम द्वारा अपडेट किया गया।
  • यह कानून भारत में उपभोक्ता अधिकार आंदोलन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, जिसने शिकायतों के समाधान और मुआवजे की प्रक्रिया के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान किया।

भारत में उपभोक्ता अधिकार

  • सुरक्षा का अधिकार: ऐसे वस्त्र और सर्विस से सुरक्षा जो जीवन या संपत्ति के लिए हानिकारक हो सकती हैं।
  • सूचना का अधिकार: प्रोडक्ट, सर्विस और कीमत निर्धारण की सटीक जानकारी प्राप्त करने का अधिकार।
  • चयन का अधिकार: विभिन्न उपलब्ध प्रोडक्ट या सर्विस में से चुनने की स्वतंत्रता।
  • सुनवाई का अधिकार: उपभोक्ता के बाद शिकायत करने और सुने जाने का अधिकार है। उपभोक्ताओं को उचित फोरम पर सुना जाता है, और उनका समाधान पर भी ध्यान दिया जाता है।
  • मुआवजा पाने का अधिकार: अनुचित प्रथाओं या शोषण के मामलों में मुआवजा पाने और शिकायतों का समाधान करने का अधिकार।
  • उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार: उपभोक्ता अधिकारों और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए उपलब्ध उपायों के प्रति जागरूकता।
Vishal Maithil
Vishal Mathel author

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, ग... और देखें

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