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Black Moon 2025: ब्लैक मून क्या है, कब और कहां देखें, क्या है इसका महत्व?

Black Moon: यह घटना बेहद कम देखने को मिलती है और ज्योतिषीय व आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी खास महत्व रखती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि ब्लैक मून क्या है, इसका महत्व क्या है और इसे कब व कहां देखा जा सकता है।

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Black Moon 2025/Photo- Timesnowhindi

आमतौर पर हम पूर्णिमा (फुल मून) और अमावस्या (न्यू मून) के बारे में जानते हैं, लेकिन खगोल विज्ञान की दुनिया में एक और दुर्लभ घटना होती है जिसे ब्लैक मून (Black Moon) कहा जाता है। यह घटना बेहद कम देखने को मिलती है और ज्योतिषीय व आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी खास महत्व रखती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि ब्लैक मून क्या है, इसका महत्व क्या है और इसे कब व कहां देखा जा सकता है।

ब्लैक मून क्या है?

ब्लैक मून कोई आधिकारिक खगोलीय शब्द नहीं है, बल्कि यह एक लोकप्रिय नाम है जिसका प्रयोग अमावस्या की खास परिस्थितियों के लिए किया जाता है। सामान्यतः इसे दो स्थितियों में परिभाषित किया जाता है, जब एक ही कैलेंडर महीने में दो बार अमावस्या पड़ती है, तो दूसरी अमावस्या को ब्लैक मून कहा जाता है। जब किसी मौसम (season) में चार अमावस्याएं पड़ती हैं, तो तीसरी अमावस्या को ब्लैक मून माना जाता है।

ब्लैक मून कब और कहां देखें?

ब्लैक मून नंगी आंखों से दिखाई नहीं देता, क्योंकि यह अमावस्या की स्थिति होती है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच होता है और उसकी रोशनी हम तक नहीं पहुंच पाती। इस घटना का अवलोकन खगोलशास्त्री विशेष उपकरणों से करते हैं। सामान्य लोग इसे खगोलीय कैलेंडर और एस्ट्रोनॉमिकल वेबसाइट्स के जरिए जान सकते हैं। अलग-अलग साल और क्षेत्रों में ब्लैक मून की तारीखें भिन्न होती हैं।

इससे पहले 2023 में दिखा था ब्लैक मून?

अमावस्या की शुरुआत 22 अगस्त को भारतीय समयानुसार सुबह लगभग 11:36 बजे से हो जाएगी और 23 अगस्त को सुबह 11.35 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के नियम के मुताबिक अमावस्या की तिथि 23 अगस्त को ही मान्य होगी। शनिवार के दिन अमावस्या पड़ रही है, इसलिए इसे शनिश्चरी अमावस्या भी कहा जाएगा।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेय author

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिय... और देखें

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