Motor Insurance Policy Claim Rejection: मोटर बीमा पॉलिसी लेना अनिवार्य है जो आपको वाहन दुर्घटना से लेकर वाहन चोरी तक को कवर करता है। वाहन चोरी और दुर्घटना में बीमा कवर आर्थिक सहायता करता है। इसके साथ-साथ और भी बहुत सारी सुविधाएं वाहन बीमा पॉलिसी में कवर की जा सकती हैं। अगर आप भी अपने वाहन का बीमा क्लेम लेना चाहते हैं और आपका मोटर बीमा पॉलिसी बार-बार रिजेक्ट हो रहा है तो आपको कुछ खास टिप्स फॉलो करने होंगे। तो चलिए जानते हैं कैसे अपने वाहन की बीमा पॉलिसी को क्लेम किया जाए जिससे किसी तरह के रिजेक्शन का सामना ना करना पड़े।
क्यों रिजेक्ट होता है बीमा क्लेम—
- जिस वाहन का बीमा किया गया है उसे निजी वाहन दिखाकर बीमा लिया गया हो और उसका उपयोग कॉमर्शियल के रूप में किया जा रहा हो, तो क्लेम रिजेक्ट कर दिया जाता है।
- वाहन के परमिट एरिया के बाहर दुर्घटना होने पर क्लेम रिजेक्ट कर दिया जाता है।
- वाहन चलाते समय अगर चालक ने किसी तरह का नशा किया हुआ है तो क्लेम रिजेक्ट कर दिया जाता है।
- बीमा पॉलिसी की बताई गयी किसी भी शर्त के पूरे ना होने पर क्लेम रिजेक्ट किया जाता है।
क्लेम रिजेक्ट होने से कैसे बचें—
यदि आपका वाहन दुर्घटना ग्रस्त या चोरी हो जाता है तो सबसे पहले आपको नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए और अपनी बीमा कंपनी को जानकारी देनी चाहिए। जिसके बाद बीमा कंपनी अपने कर्मचारी के माध्यम से आपके वाहन में हुए नुकसान की जानकारी लेगी।
डाक्यूमेंट्स का रखें रिकॉर्ड—
क्लेम करते समय आप ये सुनिश्चित करें कि आपके पास पंजीकरण प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और मोटर बीमा पॉलिसी समेत वाहन से संबंधित सभी आवश्यक कागजात हैं। नए मोटर नियमों के अनुसार मोटर बीमा पॉलिसी क्लेम करने के लिए आवश्यक है कि आपके वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र वैध हो। मरम्मत और रखरखाव के कागज भी संभाल कर रखें जिससे पता चले कि घटना से पहले आपकी गाड़ी किस कंडीशन में थी।
सी.एन.जी किट हो तो जानकारी साझा करें—
समय पर लें एक्शन—
आमतौर पर बीमा कंपनियां आपको क्लेम का दावा करने के लिए 48 घंटे का समय देती हैं। यदि एक निश्चित समय सीमा के अंदर आप मांगे गए सही दस्तावेज नहीं पेश कर पाते हैं तो क्लेम रिजेक्ट होने का ये बड़ा कारण बनते हैं।
