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Healthier Snack Option: करीब 73 फीसदी भारतीय पढ़ते हैं ‘स्नैक्स' की सामग्री सूची और पोषण मूल्य, सर्वे से मिली जानकारी

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 7, 2024, 03:40 PM IST

Healthier Snack Option: इनमें से 93 प्रतिशत ने पारदर्शिता पर जोर देते हुए लेबल पढ़ने और स्वस्थ विकल्पों को अपनाने की इच्छा जताई है। देशभर में 6,000 से अधिक लोगों के सर्वेक्षण के आधार पर रविवार को जारी की गई ‘हेल्दी स्नैकिंग रिपोर्ट 2024’ में उपभोग के रुझानों की पड़ताल की गई है।

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Healthier Snack Option: करीब 73 फीसदी भारतीय किसी भी स्नैक्स (नाश्ता) को खरीदने से पहले सामग्री सूची और पोषण मूल्य को पढ़ते हैं। एक सर्वेक्षण रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। इससे पता चलता है कि ज्यादातर भारतीय स्नैक्स खाते समय स्वास्थ्य के प्रति जागरुक हो रहे हैं। देशभर में 6,000 से अधिक लोगों के सर्वेक्षण के आधार पर रविवार को जारी की गई ‘हेल्दी स्नैकिंग रिपोर्ट 2024’ में उपभोग के रुझानों की पड़ताल की गई है।

पारदर्शिता पर जोर

रिपोर्ट में कहा गया कि सर्वेक्षण में शामिल 73 फीसदी लोग खरीदारी करने से पहले सामग्री सूची और पोषण मूल्य के लिए लेबल पढ़ना पसंद करते हैं। इनमें से 93 प्रतिशत ने पारदर्शिता पर जोर देते हुए लेबल पढ़ने और स्वस्थ विकल्पों को अपनाने की इच्छा जताई है। स्नैकिंग ब्रांड फार्मले की यह रिपोर्ट खाद्य पदार्थों में मिलावट के बढ़ते मामलों के बीच जारी की गई है।

ऐसे विकल्प चुन रहे लोग

रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता अब सचेत हैं और वे संभावित हानिकारक पदार्थों के लिए खाद्य पैकेट की जांच करते हैं। इसलिए, 10 में नौ उत्तरदाताओं ने स्नैक्स के लिए स्वस्थ विकल्प खोजने की कोशिश की। अब लगभग 60 प्रतिशत भारतीय मेवे, बीज और साबुत अनाज जैसे पौष्टिक तत्वों वाले प्राकृतिक उत्पादों का विकल्प चुन रहे हैं।

मखाना और सूखे मेवे स्वस्थ स्नैकिंग खंड में सबसे अग्रणी बनकर उभरे हैं और 67 प्रतिशत भारतीय इन पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को पसंद करते हैं। भारत में मखानों की बढ़ती लोकप्रियता का एक प्रमाण यह है कि अधिकांश युवाओं ने इसे अपना भरोसेमंद नाश्ता बताया है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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