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Gratuity: कर्मचारियों को झटका, ग्रेच्युटी में 25 फीसदी की बढ़ोतरी पर रोक

  • Authored by: Rohit Ojha
  • Updated May 20, 2024, 02:19 PM IST

Gratuity Hike on Hold: केंद्र सरकार ने मार्च 2024 में महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 4 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। यह लाखों केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी राहत थी। ग्रेच्युटी वो स्कीम है, जिसका लाभ कंपनी अपने कर्मचारियों को देती है।

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(तस्वीर-Canva)

Gratuity Hike on Hold: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट और डेथ ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी को होल्ड कर दिया है। EPFO का यह फैसला पब्लिक और संगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए झटका है। पिछले महीने ईपीएफओ ने 30 अप्रैल, 2024 को जारी एक आदेश में कहा था कि रिटायरमेंट बेनिफिट्स और डेथ बेनिफिट्स को 25 फीसदी से बढ़ाकर 20 लाख से 25 लाख रुपये कर दिया गया है। लेकिन इसके एक हफ्ते के बाद रिटायरमेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन ने एक और सर्कुलर जारी किया। इसमें तुरंत प्रभाव से डीए में वृद्धि के कारण ग्रेच्युटी वृद्धि को रोक दिया गया।

अलग-अलग भत्ते में इजाफा

केंद्र सरकार ने मार्च 2024 में महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 4 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। यह लाखों केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी राहत थी। डीए में 50 फीसदी की इस बढ़ोतरी के कारण, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के अलग-अलग भत्ते में इजाफा हुआ। जब भी महंगाई भत्ता में इजाफा होता है, तो किराया भत्ता (HRA) में भी इजाफा हो जाता है।

इस साल की शुरुआत में अपने कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) 50 फीसदी तक बढ़ने के बाद कुछ भत्ते, जैसे कि बच्चों की शिक्षा भत्ता (सीईए) और हॉस्टल सब्सिडी में 25 फीसदी का रिविजन ऑटोमैटिक हो गया।

क्या है ग्रेच्युटी

ग्रेच्युटी वो स्कीम है, जिसका लाभ कंपनी अपने कर्मचारियों को देती है। इसके लिए कर्मचारी को कंपनी में लगातार पांच साल तक काम करना होगा। ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के अनुसार, कोई कर्मचारी ग्रेच्युटी तभी प्राप्त कर सकता है, जब उसने किसी संगठन में कम से कम पांच साल तक लगातार सेवा दी हो। ग्रेच्युटी नौकरी छोड़ने या फिर रिटायरमेंट पर दी जाती है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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