Mir Osman Ali Khan: फोर्ब्स (Forbes) ने दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में सबसे टॉप पर टेस्ला (Tesla) और स्पेस एक्स (Space X) के मालिक एलन मस्क हैं। जबकि, 10वें नंबर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी हैं। वहीं, अंबानी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति घोषित किए गए हैं। जबकि, दूसरे नंबर पर अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी हैं। इन दोनों की गिनती भले ही सबसे अमीर भारतीय के रूप में रही है। लेकिन, इसी देश में एक शख्स ऐसा भी था जो अब तक सबसे अमीर भारतीय है। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि आंकडे़ बता रहे हैं। क्योंकि, उनकी गिनती कभी दुनिया के टॉप रईसों में होती थी। तो आइए, जानते हैं उस शख्स के बारे में...

लाखों रुपए चूहे कुतर देते थे
फोर्ब्स के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी 90.7 बिलियन डॉलर के साथ भारतीय अमीरों की लिस्ट में पहले नंबर पर हैं। जबकि, अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी 90 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं, HCL टेक्नोलॉजीज के अध्यक्ष शिव नादर ने फोर्ब्स की भारत के 10 सबसे अमीर अरबपतियों की सूची में 28.7 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ तीसरा स्थान हासिल किया है। लेकिन, क्या आप जानते हैं भारत के सबसे अमीर राजा का नाम मीर उस्मान अली खान है, जो हैदराबाद के निजाम थे। उनके पास इतनी संपत्ति थी कि हर साल लाखों रुपए तो चूहे कुतर जाते थे।

काफी कंजूस राजा थे मीर उस्मान अली खान
निजाम मीर उस्मान अली खान हैदारबाद के आखिरी राजा थे। साल 1948 में उन्होंने अपनी रियासत का भारतीय लोकतंत्र में विलय कर दिया था। ऐसा कहा जाता है कि बीते साल तक मुद्रास्पीति एडजस्ट करने के बाद मीर उस्मान अली खान आज के समय में 17.47 लाख करोड़ रुपए यानी 230 बिलियन डॉलर संपत्ति के मालिक होते। यानी आप अंदाज लगा सकते हैं कि उनकी कुल संपत्ति एलम मस्क से भी ज्यादा होती और वो दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति होते। लेकिन, मीर उस्मान के बारे में कई किस्से भी प्रचलित हैं। कहा जाता है कि वो जितने अमीर थे, उतने ही कंसूज भी थे। तभी तो 35 साल तक एक ही टोपी पहनते रहे। चर्चित इतिहासकार और लेखक डॉमिनिक लापियर और लैरी कॉलिन्स अपनी किताब 'फ्रीडम ऐट मिडनाइट' में लिखते हैं कि 1947 में हैदराबाद के निजाम दुनिया के सबसे अमीर शख्स माने जाते थे। लेकिन, वो कंजूस भी काफी थे। वो अक्सर मैले-कुचले कपड़े ही पहनते थे और खटारा कार से चलते थे। करीब 35 साल तक वो तुर्की टोपी पहनते रहे, जिसमें जगह-जगह सिलाई भी उखड़ गई थी और उसमें फफूंदी भी लग गई थी।

हीरे का इस्तेमाल पेपर वेट के रूप में करते थे
डॉमिनिक लापियर और लैरी कॉलिन्स के मुताबिक, मीर उस्मान के पास इतने सोने के बर्तन थे कि वो 200 लोगों को एक साथ उन बर्तनों में खाना खिला सकते थे। इतना ही नहीं हीरे का इस्तेमाल पेपर वेट के रूप में भी करते थे और फर्श पर हीरे-जवाहरात ऐसे पड़े रहते थे, जैसे कि कूड़ा हो। उन्होंने हैदराबाद में 1941 में अपना एक बैंक खोला, जिसका नाम था हैदराबाद स्टेट बैंक। अब आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि हैदराबाद के निजाम कितने अमीर थे।

