बिहारी लड़के पर दिल हार बैठी ऑस्ट्रेलियन लड़की, सात समंदर पार पहुंच रचाई शादी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 22, 2022, 03:26 PM IST

Ajab Gajab Love Story: पढ़ाई करने गए बिहारी लड़के को ऑस्ट्रेलियन लड़की से प्यार हो गया। अब दोनों ने हिन्दू रीति-रिवाज से शादी रचाई है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है।

बिहारी लड़के पर दिल हार बैठी ऑस्ट्रेलियन लड़की, सात समंदर पार पहुंच रचाई शादी
Photo Credit: Twitter

Ajab Gajab Love Story: बहुत पुरानी कहावत है कब, कहां, किससे प्यार हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है। क्योंकि, प्यार ना तो जाति देखता है और ना ही मजहब, प्यार तो बस प्यार देखता है और उसमें समर्पण। कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला बिहार के बक्सर में, जहां आस्ट्रेलिया की विक्टोरिया को बिहार का रहने वाला जयप्रकाश पसंद आ गया। फिर क्या था वो सात समंदर पार कर बिहार के एक गांव में पहुंच गई। इसके बाद विक्टोरिया और जयप्रकाश ने हिंदू रीति रिवाज के साथ शादी कर ली। तो आइए, जानते हैं इस लव स्टोरी के बारे में...

जानकारी के मुताबिक,  बक्सर जिले के कुकुढ़ा गांव के रहने वाले नंदलाल सिंह यादव के पुत्र जयप्रकाश करीब तीन साल पहले आस्ट्रेलिया पढ़ाई करने गए। जहां उनकी मुलाकात मेलबर्न शहर के जीलॉन्ग की रहने वाली विक्टोरिया से हुई। दोनों के बीच दोस्ती हो गई और धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। इसी दौरान जयप्रकाश को एक कंपनी में एमएस सिविल इंजीनियर के पद पर नौकरी भी मिल गई। इसके बाद प्रेमी युगल ने साथ में जीवन बिताने का निर्णय ले लिया। प्रेमी युगल के लिए परिवारों से इस मामले में बात करने की समस्या थी। दोनों ने अपने-अपने परिजनों से बात की और दोनो के परिजनों ने शादी के लिए हामी भर दी।

शादी से दोनों परिवार काफी खुश

इस बीच,  जयप्रकाश के पिता ने एक शर्त रख दी कि शादी बिहार में ही होगी। विक्टोरिया के परिजनों को भी यह शर्त मानने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। इसके बाद शादी की तिथि निश्चित की गई। विक्टोरिया अपने पिता स्टीवन टॉकेट एवं माता अमेंडा टॉकेट के साथ 19 अप्रैल को कुकुढा गांव पहुंचे और हिंदू रीति रिवाज से 20 अप्रैल की रात विक्टोरिया और जयप्रकाश की शादी संपन्न हुई। विक्टोरिया भी जयप्रकाश से शादी रचाकर अपने आप को काफी खुशनसीब समझ रही हैं। इस शादी से दोनों परिवार के लोग काफी खुश हैं। विक्टोरिया के पिता स्टीवन टॉकेट को भी बिहारी संस्कृति काफी पसंद आई। उन्होंने कहा कि यहां कि रश्मो रिवाज और संस्कृति को देख काफी खुशी हुई। विक्टोरिया के पिता ने अपनी बेटी का कन्यादान किया। स्टीवन कहते हैं कि उनकी बेटी अपने ससुराल में खुश रहेगी।

विदेशी बहू पाकर खुश हैं गांववाले

इधर दूल्हे के पिता और पूर्व मुखिया नंदलाल सिंह ने बताया कि मेरे परिवार के लोग जब बेटे की पसंद जानें तो हम लोग ना नहीं कर पाए। हमने कहा कि शादी गांव पर ही हिंदू रीति रिवाज के साथ होगी तो वह लोग भी मान गए। आसपास के लोग भी विदेशी बहू को पाकर खुश हैं। वे भी नवदंपति को शुभकामना देने पहुंच रहे हैं। फिलहाल, यह विवाह इस क्षेत्र के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!