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दिल्ली में खुलेगा दुनिया का सबसे बड़ा म्यूजियम, नोट कर लें कब होगी ग्रैंड ओपनिंग, ये चीजें रहेंगी खास

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated Jan 16, 2026, 01:20 PM IST

दिल्ली में बहुत ही जल्द दुनिया का सबसे बड़ा म्यूजियम ओपन होने वाला है। इस संग्रहालय में आठ थीम वाले जोन में लगभग 30 गैलरी होंगी, जो देश की सांस्कृतिक, राजनीतिक, कलात्मक विरासत के बारे में बताएंगी। अगर आप दिल्ली को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो इस म्यूजियम की ओपनिंग डेट नोट कर लें और जान लें इसकी खासियत क्या है।

World's Largest Museum in Delhi

World's Largest Museum in Delhi

नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक परियोजना चल रही है, जो न केवल भारत के सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करेगी, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान भी देगी। 'युगे युगेन भारत संग्रहालय' जल्द ही दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालय के रूप में स्थापित होगा, जिसका क्षेत्रफल 1.55 लाख वर्ग मीटर होगा। इस संग्रहालय में कुल 950 कमरे होंगे और यह भारतीय सभ्यता के विकास को दर्शाने के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसमें सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर आधुनिक भारत तक का सफर शामिल होगा।

संग्रहालय का स्थान

युगे युगेन भारत संग्रहालय का निर्माण नई दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक में किया जाएगा। इन भवनों का निर्माण 1930 के दशक में हुआ था। वर्तमान में, साउथ ब्लॉक में प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय स्थित हैं, जबकि नॉर्थ ब्लॉक में वित्त और गृह मंत्रालय हैं। 2021 में, सरकार ने इन भवनों को संग्रहालय में परिवर्तित करने की योजना की घोषणा की थी।

संग्रहालय के बारे में अधिक जानकारी

इस संग्रहालय का डिजाइन इंदो-फ्रेंच शैली में तैयार किया जा रहा है और इसका उद्देश्य इन ऐतिहासिक भवनों की वास्तुकला को संरक्षित करना है। संग्रहालय में लगभग 30 गैलरियां होंगी, जो आठ विषयगत क्षेत्रों में विभाजित होंगी। इन गैलरियों में भारतीय कला, वास्तुकला, संगीत, नृत्य, साहित्य और दर्शन का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा, यह संग्रहालय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और गणित में भारत के योगदान को भी प्रदर्शित करेगा।

संग्रहालय का पहला गैलरी 2026 के अंत तक खुलने की उम्मीद है। एक बार जब यह संग्रहालय तैयार हो जाएगा, तो यह लूव्र संग्रहालय को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय बन जाएगा।

निर्माण प्रक्रिया

संग्रहालय के निर्माण की प्रक्रिया का नेतृत्व थाई वास्तुकार कुलपत यंत्रसत कर रहे हैं। यह परियोजना भारतीय संस्कृति और धरोहर को संरक्षित करने के लिए महत्वपूर्ण है और इसके निर्माण से पर्यटकों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी मिलेगी।

समापन

युगे युगेन भारत संग्रहालय भारत के इतिहास और संस्कृति के प्रति रुचि रखने वालों के लिए एक अद्वितीय गंतव्य बनेगा। यह संग्रहालय न केवल ज्ञान का केंद्र होगा, बल्कि यह भारतीय सभ्यता की निरंतर यात्रा को भी दर्शाएगा। इस संग्रहालय के माध्यम से, भारत अपनी सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास और संस्कृति के प्रति गर्व महसूस होगा।

अवनी बागरोला
अवनी बागरोला author

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक... और देखें

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