यात्रा

गोरखपुर के पास कहां जाएं? योगी जी के शहर के पास मौजूद है ये दिलकश जगह, खूबसूरती देख हो जाओगे दीवाने

Within 100 KM Gorakhpur: वैसे तो गोरखपुर के आस-पास कई सारी घूमने और एक्सप्लोर करने वाली जगहें पर आज हम आपको गोरखपुर से थोड़ी दूर पर मौजूद ऐसी एक्सोटिक डेस्टिनेशन के बारे में बताएंगे, जिसके बारे में आप शायद ही जानते हो। Within 100 KM की कड़ी में चलिए जानते हैं गोरखपुर के पास मौजूद इस हिडेन प्लेस के बारे में।

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Gorakhpur

Within 100 KM Gorakhpur: गोरखपुर एक प्राचीन शहर है जिसकी मान्यता द्वापरयुग से पांडवो के समय की मानी जाती है। गोरखनाथ बाबा की धरती कहे जाने वाले गोरखपुर में आपको दिन भर खरीदारी और घूमने के लिए कई शानदार जगहें मिलेंगी। लेकिन आप अगर शहर की भाग-दौड़ से दूर किसी ऐसी शांत और मनोहरम टूरिस्ट प्लेस पर जाना चाहते हैं जो कि एक्सपेंसिव भी न हो तो आप गोरखपुर से लगभग 79.5 किमी की दूरी तय करके एनएच 727 से सोहागी बरवा वन्यजीव अभयारण्य आ सकते हैं। आपको बता दे ये जगह शहर के शोर से दूर एकांत में बसी है जहां पर आप को बाघ, हिरन और मोर देखने को मिल सकते हैं। यहां की टाइगर रिजर्व में देश भर के छात्र रिसर्च करने के लिए भी आते हैं। ऐसे में चल‍िए आपको बताते हैं क‍ि इस जगह को क्‍या चीजें खास बनाती हैं।

Sohagi Barwa Wildlife Sanctuary (सोहागी बरवा वन्यजीव अभयारण्य): सोहागी बरवा वन्य जीव अभ्यारण्य, जिसे 1987 में पुराने गोरखपुर वन प्रभाग से अलग करके बनाया गया था। ये उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में स्थित है। राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित इस अभ्यारण्य के उत्तर में अंतर्राष्ट्रीय भारत-नेपाल बॉर्डर और पूर्व में अंतरराज्यीय उत्तर प्रदेश-बिहार का बॉर्डर मौजूद है।

जलवायु

ये जगह समतल है और इसकी औसत समुद्र तल से ऊंचाई 100 मीटर तक की है। ये क्षेत्र उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर धीरे-धीरे ढलान वाला है। महान गंडक, छोटी गंडक, प्यास और रोहिन नदियों द्वारा बहाए जाने वाले इस अभयारण्य में कई तालाब, झीलें, दलदल और खुले घास के खूबसूरत मैदान हैं। इस क्षेत्र का मौसम पूरे साल सुहावना रहता है, दिसंबर और जनवरी के दौरान मध्यम सर्दी पड़ती है।

वाइल्डलाइफ

इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के जानवर देखने को मिलते हैं जिनमें मुख्य रूप से तेंदुआ, बाघ, जंगली बिल्ली, छोटी भारतीय सिवेट, लंगूर, हिरण, नीलगाय, जंगली सूअर, साही आदि शामिल हैं। पक्षी जगत में छोटा जलकाग, सर्प पक्षी, ब्राहिमिनी बत्तख, सामान्य टील, छोटा बगुला, मवेशी बगुला, पैडी पक्षी, पिंटेल, सफेद आइबिस, काला आइबिस, स्पून बिल, ग्रे पार्ट्रिज, स्वैम्प पार्ट्रिज, लाल जंगल फाउल, ब्लू रॉक पिजन स्पॉटेड डव, मटर फाउल, भारतीय पाइड हॉर्नबिल, ट्री पाई, छोटा हरा मधुमक्खी भक्षक, तालाब बगुला, लाल-वेंटेड ब्लू बुल, गोल्डन बैक्ड वुड पेकर, पाइड किंग फिशर, ब्लू किंग फिशर आदि यहां दिख सकते हैं।

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प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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