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बंजी जंपिंग और स्काई डाइविंग में क्या अंतर होता है?

Difference Between Bunjee Jumping And Skydiving: एडवेंचर लवर्स के मन में अक्सर ये सवाल चलता रहता है कि, बंजी जंपिंग और स्काई डाइविंग में अंतर क्या है। दोनों ही एक तरह से कूदने वाली एक्टिविटीज हैं, लेकिन एक दूसरे से काफी अलग है। यहां देखें दोनों में क्या अंतर होता है, और कौन सी एक्टिविटी आपको ट्राई करनी ही चाहिए।

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Difference Between Bunjee Jumping And Skydiving

Difference Between Bunjee Jumping And Skydiving: एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीनों के बीच ऊँचाई से छलांग लगाने वाले खेलों का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। इनमें बंजी जंपिंग और स्काई डाइविंग सबसे लोकप्रिय हैं, लेकिन अक्सर लोग इन दोनों को एक ही समझने की भूल कर बैठते हैं। हालाँकि, यह दोनों ही खेल एड्रेनालाईन की लत को तृप्त करते हैं, लेकिन इनके अनुभव, तकनीक और खतरे पूरी तरह से अलग हैं। यहां देखें आखिर दोनों के बीच का मुख्य अंतर क्या है -

बंजी जंपिंग

बंजी जंपिंग में आमतौर पर एक ऊँचे स्थान जैसे पुल, क्रेन या चट्टान से एक लचीली रस्सी (बंजी कॉर्ड) से बाँधकर छलाँग लगाई जाती है। यह ऊँचाई आमतौर पर 50 से 200 मीटर तक हो सकती है। जंपर जमीन की ओर गिरता है, लेकिन रस्सी के लचीलेपन के कारण वह नीचे टकराता नहीं है और ऊपर उछलता है।

स्काई डाइविंग

स्काई डाइविंग में एक हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर या गर्म हवा के गुब्बारे से हज़ारों फीट की ऊँचाई पर छलाँग लगाई जाती है। यह ऊँचाई आमतौर पर 10,000 से लेकर 15000 फीट के बीच होती है। इसमें जंपर एक निश्चित ऊँचाई तक स्वतंत्र रूप से हवा में गिरता (फ्रीफॉल) है और फिर पैराशूट खोलकर सुरक्षित जमीन पर लौटता है।

अगर आप एक तेज, सस्ता और कम समय वाला रोमांच चाहते हैं, तो बंजी जंपिंग आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, अगर आप अधिक ऊँचाई, लंबे समय तक हवा में रहने और आकाश के साथ एक होने का अनुभव चाहते हैं, तो स्काईडाइविंग आपको चुनना चाहिए। दोनों ही खेलों के लिए उचित शारीरिक फिटनेस और पेशेवर मार्गदर्शन जरूरी है। किसी भी एक्टिविटी को करने से पहले उसके सभी सुरक्षा नियमों और जोखिमों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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