हाल ही में अंतरिक्ष में गए शुभांशु शुक्ला के बारे में तो आपने जरूर सुना होगा। जो इस समय अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) में दुनिया के चक्कर लगा रहे हैं। अंतरिक्ष में बैठकर दुनिया का चक्कर लगाना सुनने में ही कितनी रोमांचक लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये केवल सुनने या देखने तक सीमित नहीं है। अब आप इसका अनुभव खुद भी ले सकते हैं। जी हां इस अनुभव को और करीब से लेने के लिए एस्ट्रो टूरिज्म नाम का एक नया चलन काफी तेजी से चल रहा है। आइए जानते हैं क्या है ये ट्रैवल और थ्रिल का नया कॉम्बिनेशन?
क्या है एस्ट्रो टूरिज्म?
तारों, ग्रहों, चांद और आकाशगंगाओं को पास से निहारने का अनोखा अनुभव एस्ट्रो टूरिज्म कहा जाता है। जब लंबे समय तक अंतरिक्ष में फंसी भारतवंशी सुनीता विलियम्स धरती पर वापस लौटीं, तो उनकी चर्चा देश ही नहीं दुनिया भर में हुई। वहीं हाल ही में स्पेस में गए शुभांशु शुक्ला के बारे में भी आपने खूब चर्चा सुनी होगी। इन सभी अंतरिक्ष यात्रियों की चर्चा के बाद एस्ट्रो टूरिज्म और भी ज्यादा चर्चा में बना है। आइए जानते हैं क्यों लोग अंतरिक्ष को पास से देखने के लिए इतने उत्सुक हैं।
भारत में कहां लें एस्ट्रो टूरिज्म का अनुभव?
भारत में एस्ट्रो टूरिज्म का मजा लेने के लिए कई तरह बेस्ट हैं। जिसमें लद्दाख में दुनिया की सबसे ऊंची ऑब्जर्वेटरी मौजूद है। जिसका कारण यहां आपको साफ आसमान मिलता है। लद्दाख में पेंगोंग झील के किनारे बनी हनले ऑब्जर्वेटरी में आप एस्ट्रो टूरिज्म का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा राजस्थान के जैसलमेर के सम और खुरी गांव एस्ट्रो टूरिज्म के लिए फेमस हैं। जिसका कारण है कि यहां रात में स्टार गेजिंग काफी शानदार होती है।
