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Cities with lowest AQI in India: देश के इन 10 शहरों में है सबसे साफ हवा, नहीं महसूस होता प्रदूषण का नामोनिशान

Top 10 Cities in india with lowest AQI in India: यहां हम आपको देश के टॉप 10 शहर जहां सबसे साफ हवा है- के बारे में बता रहे हैं। अगर दिल्ली एनसीआर के प्रदूषण में दम घुट रहा है तो इन जगहों की सैर का प्लान बना सकते हैं। इन जगहों का AQI 50 से भी कम है और प्रदूषण का नामोनिशान भी नहीं है।

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देश के इन 10 शहरों में है सबसे साफ हवा (Pic: iStock)

Top 10 Cities in india with lowest AQI in India: भारत में बड़े-बड़े शहरों में वायु प्रदूषण की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। दिल्ली एनसीआर में तो हर सांस के साथ जहर शरीर के अंदर जा रहा है। तो क्यों ना यह टाइम देश के उन शहरों में बिताया जाए जहां का एक्यूआई 50 या इससे भी कम है। यानी यहां मिलेगा नो पलूशन, ओनली शुद्ध हवा। यहां देश के 10 ऐसे शहर बता रहे हैं जो खुद में टॉप ट्रैवल डेस्टिनेशन होने के साथ ही साफ हवा में आपको सांस लेने का मौका भी देते हैं।

देश में सबसे साफ हवा वाले शहर कौन से हैं

1. मुन्नार (केरल)

केरल की वेस्टर्न घाटियों में बसी यह जगह चाय-बागानों, छिपे झरनों और धुंधली पहाड़ियों के लिए मशहूर है। यहां औद्योगिक गतिविधियां बहुत कम है और घने जंगलों की मौजूदगी के कारण वायु-गुणवत्ता पूरा साल अच्छी बनी रहती है।

2. कुर्ग (कर्नाटक)

कॉफी एस्टेट्स और हरी-भरी वादियों से घिरे कुर्ग का AQI अमूमन 50 से नीचे ही रहता है। इस वजह से यह हिल-टाउन स्वच्छ हवा के लिए जाना जाता है। यह ताजी में सांस लेने का मौका देने के साथ ही शांतिप्रिय छुट्टी के लिए भी उपयुक्त है।

साफ हवा के लिए कुर्ग का प्लान बनाएं (Pic: iStock)

साफ हवा के लिए कुर्ग का प्लान बनाएं (Pic: iStock)

3. किन्नौर (हिमाचल प्रदेश)

शहरी अराजकता से दूर, किन्नौर में अछूती पहाड़ी हवा और प्राचीन परिदृश्य हैं। इस क्षेत्र का AQI उत्तरी भारत में सबसे कम है। सांगला घाटी और कल्पा बर्फ से ढकी चोटियों और सेब के बागों के लुभावने दृश्य प्रस्तुत करते हैं।

4. कन्नूर (तमिलनाडु)

ऊटी की तुलना में कम भीड़भाड़ वाला, कन्नूर एक आकर्षक हिल स्टेशन है जिसमें ताजा पहाड़ी हवा और प्रचुर हरियाली है। इसका AQI स्तर आमतौर पर पूरे वर्ष 50 से नीचे रहता है। सिम पार्क और डॉल्फिन नोज लोकप्रिय आकर्षण हैं।

5. शिलांंग (मेघालय)

अपने झरनों और लुढ़कती पहाड़ियों के लिए प्रसिद्ध, शिलांग पीक टूरिस्ट सीजन के दौरान भी उत्कृष्ट वायु गुणवत्ता बनाए रखता है। शहर का AQI अक्सर 50 से नीचे रहता है, जो इसकी ऊंचाई और प्राकृतिक परिवेश का परिणाम है। एलीफेंट फॉल्स और वार्ड्स लेक आरामदायक अनुभव प्रदान करते हैं।

सुंदर नजारों और साफ हवा के लि आएं शिलांग (Pic: iStock)

सुंदर नजारों और साफ हवा के लि आएं शिलांग (Pic: iStock)

6. आइजॉल (मिजोरम)

उत्तर-पूर्वी भारत की राजधानी में कम ट्रैफिक और सक्रिय स्वच्छता अभियानों के कारण वायु-गुणवत्ता राष्ट्रीय औसत से बेहतर बनी हुई है। शांत महौल और सुंदर नजारे यहां का मुख्य आकर्षण है।

7. पेलिंग (सिक्किम)

पेलिंग की स्वच्छ हवा, शांत मठ और कंचनजंगा के शानदार दृश्य इसे एक रमणीय यात्रा गंतव्य बनाते हैं। AQI अक्सर 30-40 के आसपास रहता है, जो इस क्षेत्र में सबसे शुद्ध हवा प्रदान करता है। पेमायंग्त्से मठ और रबडेनत्से खंडहर देखने लायक हैं।

सिक्किम का पेलिंग भी खास जगह है (Pic: iStock)

सिक्किम का पेलिंग भी खास जगह है (Pic: iStock)

8. जीरो वैली (अरुणाचल प्रदेश)

अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जीरो म्यूजिक फेस्टिवल के लिए जानी जाने वाली, यह जगह यूनेस्को विश्व धरोहर लिस्ट में भी शामिल है। यहां का AQI 50 से काफी नीचे रहता है। घाटी की अनूठी संस्कृति और पर्यावरण के अनुकूल वातावरण आपको यहां यात्रा का अद्भुत अनुभव देगा।

9. अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड)

कुमाऊं पहाड़ियों में बसा अल्मोड़ा की देवदार से ढकी ढलानें ठंडी और शुद्ध हवा सुनिश्चित करती हैं। AQI शायद ही कभी 50 से अधिक होता है, जो इसे उत्तराखंड के सबसे स्वच्छ पहाड़ी शहरों में से एक बनाता है। ब्राइट एंड कॉर्नर और कासर देवी मंदिर यहां के मुख्य आकर्षण हैं।

एकदम साफ हवा में लें सांस अल्मोड़ा में (Pic: iStock)

एकदम साफ हवा में लें सांस अल्मोड़ा में (Pic: iStock)

10. गोकर्ण (कर्नाटक)

गोवा के हलचल भरे समुद्र तटों के विपरीत, गोकर्ण के समुद्र तट शांत और प्रदूषण रहित हैं। वाहनों की कम गिनती और प्राकृतिक हरियाली की वजह से यहां का AQI बेहद कम रहता है। यह योग के प्रति उत्साही और शांतिपूर्ण तटीय विश्राम चाहने वालों के लिए शानदार जगह है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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