श्रीलंका में खराब हालात का असर उनके टूरिज्म पर साफ पड़ा है। संघर्षरत पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए श्रीलंकाई सरकार द्वारा आक्रामक कदम उठाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका अब अपने ऑनलाइन वीज़ा आवेदन प्लेटफ़ॉर्म को फिर से शुरू करने जा रहा है।
गौर करने वाली बात ये है कि यह कदम भारत में स्थित एक विदेशी कंसोर्टियम, VFS ग्लोबल को पहले दिए गए विवादास्पद मल्टीमिलियन-डॉलर आउटसोर्सिंग समझौते के निलंबन के बाद उठाया गया है। रिपोर्ट्स की मानें तो श्रीलंका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पर्यटकों के लिए प्रवेश प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए ऐसा किया है।
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इस फैसले के पीछे का सबसे बड़ा कारण ये है कि इस कदम से देश की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा, जो लंबे समय से संकट से जूझ रही है। पर्यटक अब पहले से लगाए गए 25 डॉलर के शुल्क के बिना वीजा के लिए आवेदन कर सकेंगे, पर्यटन उद्योग में कई लोगों द्वारा इस फैसले का दिल खोलकर स्वागत किया जा रहा है।
बता दें कि ऑनलाइन वीज़ा प्रणाली की पुनः शुरूआत विदेशी पर्यटकों के लिए श्रीलंका की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाएगा। इसके साथ ही सरकार ने 35 देशों के नागरिकों के लिए वीज़ा-मुक्त पहल की भी शुरुआत की है जिसमें भारत भी शामिल है। नई नीति, जो 1 अक्टूबर से प्रभावी होने वाली है, छह महीने तक चलेगी।
