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Wildlife Tourism: तेंदुओं को करीब से देखने का मौका, ये होगी लोकेशन, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

Wildlife Tourism: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुंबई में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीव तेंदुआ सफारी शुरू करने की योजना बना रहा है। योजना के तहत 30 हेक्टेयर का एक बाड़ा विकसित किया जाएगा, जो पर्यटकों के अनुभव और पशु कल्याण को बढ़ाएगा। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान सालाना लगभग 20 लाख पर्यटकों को आकर्षित करता है।

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Sanjay Gandhi National Park

Sanjay Gandhi National Park: घूमने-फिरने का शौक रखने वालों के लिए खुशखबरी है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान तेंदुए की सफारी शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। महाराष्ट्र मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने हाल ही में इस पहल की घोषणा की है।

इस पहल का लक्ष्य बचाई गई और पुनर्वासित तेंदुओं को देखने का एक दुर्लभ मौका प्रदान करने जा रहा है। यहां मूल वातावरण में पर्यटकों द्वारा शायद ही कभी तेंदुओं को ऐसे देखा गया हो। मालूम हो कि वर्तमान में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में बाघ और शेर सफारी होती है।

यह परियोजना पर्यटकों को तेंदुओं को करीब से देखने की सुविधा प्रदान करेगी और साथ ही जानवरों को एक सुरक्षित, समृद्ध आवास भी प्रदान करेगी। परियोजना की अनुमानित लागत 5 करोड़ रुपये है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे पर्यटन और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

बता दें कि संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान सालाना लगभग 20 लाख आगंतुकों को आकर्षित करता है। तेंदुए की सफारी के जुड़ने से पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। संजय राष्ट्रीय उद्यान में बंगाल टाइगर, तेंदुआ, चित्तीदार हिरण, सांभर, जंगली सूअर, नीलगाय, चिंकारा, साही और गोह जैसे जानवर पाए जाते हैं। गौर कभी भारत के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाते थे, लेकिन साल 1997 में वे लुप्त हो गए। साल 2023 में, सतपुड़ा और कान्हा टाइगर रिजर्व से 43 गौरों को पार्क में फिर से लाया गया, अब यहां यह अद्भुत जानवर फिर से है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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