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Rishikesh Tourism: क्या गोवा और केरल को छोड़ लोग जा रहे हैं ऋषिकेश, क्यों यहां उमड़ रही भीड़

Rishikesh Tourism: पिछले कुछ समय का ट्रैवल ट्रेंड देखें तो ऋषिकेश घूमने में दिलचस्पी दिखाने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। लेकिन ऐसा है क्यों। योग कैपिटल ऑफ वर्ल्ड के नाम से प्रसिद्ध इस जगह में क्या लोग बस आध्यात्म की तलाश में आ रहे हैं। या फिर पिक्चर इससे काफी अलग है।

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क्यों बढ़ी है ऋषिकेश में पर्यटन की हलचल (Pic: iStock)

Rishikesh Tourism: कुछ साल पहले तक ऋषिकेश दुनिया की योगा कैपिटल के तौर पर प्रसिद्ध था। यहां लोग शांति और आध्यात्म की तलाश में आते थे। उससे भी पहले हरिद्वार जाने वालों की भीड़ में कुछ ही लोग ऋषिकेश जाते थे। वरना हर की पौड़ी पर स्नान करके तीर्थ पूरा मान लेते थे। लेकिन अब सीन पूरी तरह बदल चुका है। कभी शांत रहने वाले ऋषिकेश में अब पर्यटकों की हलचल पूरे साल रहती है। यही नहीं, ट्रैवल एक्सपर्ट इसे फिलहाल गोवा और केरल को टक्कर देने वाला टूरिस्ट स्पॉट मान रहे हैं। हालांकि आंकड़ों में ऋषिकेश अभी इन दोनों ही जगह से बहुत पीछे है। मगर इस जगह की लोकप्रियता का ग्राफी तेजी से बढ़ा है।

क्यों बढ़ी है ऋषिकेश में पर्यटन की हलचल

ऋषिकेश को इसकी पहले की पहचान की वजह से योग कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड कहा जाता है। यहां कई ऐसे आश्रम और सेंटर हैं जहां योग और आध्यात्म को टटोलने के लिए लोग लगातार आते हैं। कहा जा सकता है कि इसकी लोकप्रियता इसी आधार पर शुरू हुई। फिर वक्त के साथ एडवेंचर एक्टिविटीज ने इसे यूथ के बीच पहचान दी। बजट में ठहरने की व्यवस्था, आध्यात्म का झुकाव, गंगा नदी का पावन जल, दिल्ली से ऋषिकेश के बीच अच्छी ड्राइव वाली रोड और लगभग पूरे साल का ठीक मौसम - इन सब बातों ने ऋषिकेश को एक पॉपुलर साइट बना दिया।

Rishikesh as Spiritual destination (Pic: iStock)

Rishikesh as Spiritual destination (Pic: iStock)

यंग टूरिस्ट के बीच क्यों पॉपुलर है ऋषिकेश

ऋषिकेश को पॉपुलर करने में यंग टूरिस्ट्स का बड़ा रोल है। उनको यहां रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, ट्रेकिंग, कैंपिंग वाटरफॉल एक्सप्लोर करने का रोमांच मिला- वह भी पास में जहां कम रिस्क के ड्राइव करके पहुंचा जा सकता है और सीमित बजट में घूमा जा सकता है।

Rishikesh River Rafting (Pic: iStock)

Rishikesh River Rafting (Pic: iStock)

वीकेंड ट्रैवल के ट्रेंड ने बनाया स्पेशल

पिछले कुछ साल में वीकेंड ट्रैवल का ट्रेंड लोगों में खूब बढ़ा है। मिनीकेशन इसे टर्म दी गई है। इसमें आप बस दो दिन में बजट में घूमकर वापस मंडे से अपने नॉर्मल रुटीन में आराम से सेट हो सकते हैं। यंग प्रफेशनल्स ही नहीं, फैमिली वाले भी इस पैटर्न को फॉलो करते हैं। मेरे फ्रेंड सर्कल में ही बहुत लोग हैं जो दो से तीन बार ऋषिकेश घूमकर आ चुके हैं। वजह यही कि कम दूर और आसान रास्ते की वजह से दो दिन में एक अच्छा ट्रिप हो जाता है और उतनी थकान भी नहीं होती।

Rishikech beaches (Pic: iStock)

Rishikech beaches (Pic: iStock)

दिल्ली के पास ही है ये बीच डेस्टिनेशन

दिल्ली एनसीआर के ट्रैवल शौकीनों को ऋषिकेश यहां के बीच की वजह से भी पसंद आता है। यहां सफेद रेत वाले कई नेचुरल बीच हैं जहां बैठकर स्ट्रेस दूर किया जा सकता है। जहां कुदरत के बेशकीमती सुंदर नजारे आपकी आंखों को सुकून देते हैं। शिवपुरी बीच, गोवा बीच, नीम बीच जैसे स्पॉट पहुंचते ही आपका दिल खुश कर देंगे।

क्या गोवा और केरल को टक्कर दे रहा ऋषिकेश

ट्रैवल और टूरिज्म के सेक्टर से जुड़े गौतम जग्गा का मानना है कि गोवा और केरल बहुत बड़े टूरिस्ट डेस्टिनेशन हैं। जबकि ऋषिकेश एक बड़े राज्य की एक लोकेशन। ऐसे में ये तुलना करना सही नहीं होगा। गोवा टूरिज्म को लेकर भले ही तमाम नेगेटिव बातें कही गईं लेकिन पर्यटकों के बीच इसकी पॉपुलैरिटी कम नहीं हुई है। ऐसा ही प्रकृति की अनूठी आभा लिए केरल के साथ भी है जो हर साल देश-विदेश के सैलानियों को खूब आकर्षित करता है। हां, वीकेंड वेकेशन के लिए जरूर ऋषिकेश की डिमांड बढ़ी है और दिल्ली-एनसीआर से यहां आने वाले लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ती ही जा रही है।

अगर आप प्लान कर रहे हैं ऋषिकेश का ट्रिप तो

ऋषिकेश के प्रमुख आकर्षण राम झूला, बीटल्स आश्रम और रघुनाथ मंदिर जैसे कई स्पॉट हैं। वैसे यहां घूमने का सबसे अच्छा समय सितंबर से नवंबर और फरवरी से अप्रैल के बीच का होता है। आप गंगा आरती में जरूर शामिल हों।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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