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Ooty Vs Coorg: कॉफी की खुशबू या ठंडी हवाओं का जादू, कूर्ग vs ऊटी, कौन जीतेगा दिल?

Ooty Vs Coorg: दक्षिण भारत के खूबसूरत हिल स्टेशन्स की लिस्ट में कूर्ग और ऊटी दोनों का नाम पहले आता है। ऐसे में अगर आप भी साउथ में अपनी अगली छुट्टियों की प्लानिंग कर रहे हैं। तो यहां देखें दोनों जगहों में से कौन सी जगह आपके लिए एकदम ही परफेक्ट हो सकती है।

Ooty Vs Coorg

Ooty Vs Coorg: साल के आखिरी महीने में छुट्टियों का लुत्फ़ उठाने का विचार जहन में आते ही दक्षिण भारत के दो खूबसूरत हिल स्टेशन - ऊटी और कूर्ग - जहन में एक दूजे से होड़ लगाते नजर आते हैं। दिसंबर का महीना जहाँ ठंड की एक हल्की सी सरसराहट लेकर आता है, वहीं इन जगहों की हरियाली और शांति का अनुभव लेने का यह बेशक ही एकदम सुनहरा मौका होता है। लेकिन सवाल यही उठता है कि दिसंबर की यात्रा के लिहाज से ऊटी बेहतर है या फिर कूर्ग? अगर आप भी आने वाले महीनों में अपनी अगली ट्रिप की प्लानिंग कर रहे हैं। और साउथ इंडिया की सैर करना चाहते हैं, वहीं कूर्ग या ऊटी के बीच में कन्फ्यूज हैं। तो यहां हम आपको बताएंगे कि, दोनों जगहों में से आपके लिए क्या बेहतर हो सकता है। हालांकि ये सवाल व्यक्ति टू व्यक्ति निर्भर करता है। इस सवाल का एक निर्धारित जवाब नहीं है।

सर्दी का एहसास

अगर आपको दिसंबर के महीने में जमकर ठंड का एहसास चाहिए, तो ऐसे में आप ऊटी जा सकते हैं। ऊटी में दिसंबर के महीने में अच्छी ठंड रहती है। वहीं कूर्ग का मौसम हल्की ठंड वाला रहता है, वहीं सैर सपाटे और आउटडोर वाली एक्टिविटीज के लिए एकदम ही परफेक्ट हो सकता है।

प्राकृतिक नजारे

ऊटी अपनी झीलों, व्यू पॉइंट्स और विशाल चाय बागानों के लिए मशहूर है। ऊटी लेक, डोडाबेटा पीक, बोटेनिकल गार्डन और टॉय ट्रेन की सवारी का आनंद दिसंबर में और भी बढ़ जाता है। कोहरे में लिपटी पहाड़ियों का नजारा बेहद रोमांचक होता है। दूसरी ओर, कूर्ग अपने घने कॉफी और मसाले के बागानों, झरनों और हरियाली के लिए जाना जाता है। अब्बी फॉल, राजा सीट, तलाकावेरी और नामद्रोलिंग मठ जैसी जगहें यहाँ के प्राकृतिक और सांस्कृतिक वैभव को दर्शाती हैं।

भीड़भाड़

दिसंबर घूमने फिरने के लिहाज से एकदम ही पीक वाला समय होता है। ऐसे में ऊटी में भीड़ काफी ज्यादा हो सकती है, जिस कारण आपको ट्रैफिक में फंसने से लेकर हर जगह वेटिंग का सामना करना पड़ सकता है। वहीं अगर आप थोड़ी शांत जगह जाना चाहते हैं, तो कूर्ग बेहतर हो सकता है।

अगर आपको पारंपरिक हिल स्टेशन वाला आनंद चाहिए और टॉय ट्रेन की सवारी कर व्यूपाइंट्स का मजा लेना है। तो आप ऊटी जा सकते हैं। लेकिन अगर आप प्रकृति की गोद में एक शांत और आरामदायक छुट्टी बिताना चाहते हैं। कॉफी प्लांटेशन टूर, ट्रेकिंग और झरनों के बीच वक्त गुज़ारना चाहते हैं। तो आपके लिए कूर्ग जाना बेहतर हो सकता है। दोनों ही स्थान अपनी-अपनी खूबियाँ लिए हुए हैं। दिसंबर की छुट्टियों को यादगार बनाने के लिए दोनों में से कोई भी विकल्प बेहतरीन साबित हो सकता है, बशर्ते आपकी यात्रा की अपेक्षाओं के साथ उसकी पसंद मेल खाती हो।

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अवनी बागरोला
अवनी बागरोला Author

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक... और देखें

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