भारत के ट्रैवल चार्ट्स में तहलका मचा सकता है ये शहर, गोवा-जयपुर भी रह जाएंगे पीछे
- Authored by: प्रभात शर्मा
- Updated Jan 19, 2026, 08:42 AM IST
Tourism Trends India: हम जिस शहर की बात कर रहे हैं वह पहले चाय बागानों के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन रहा है। 2026 में अगर आप यात्रा का प्लान कर रहे हैं तो ये जगह आपके लिए परफेक्ट हो सकती है। यहां की संस्कृति और भोजन भी अनूठे अनुभव प्रदान करते हैं। यह शहर अपनी विरासत के साथ-साथ आधुनिकता को भी अपनाने के लिए तैयार है।
भारत के ट्रैवल चार्ट्स में तहलका मचा सकता है ये शहर
Offbeat Travel Destinations India: यूनीक ट्रैवल डेस्टिनेशन की अगर आप तलाश में हैं तो इस बार जोरहाट का रुख कर सकते हैं। जोरहाट, जो पहले चाय बागानों का एक नाम था, अब हर यात्रा करने वालों की लिस्ट में शामिल हो रहा है। असम के काजीरंगा के निकट स्थित यह शहर, अब पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बन गया है। 2026 में, जोरहाट और भी ज्यादा चमकेगा इस बात की काफी ज्यादा संभावना है।
अपनी यात्रा की शुरुआत आप सिन्नामारा चाय बागान से कर सकते हैं, जो असम के सबसे पुराने चाय बागानों में से एक है। यहां की ताजगी भरी हवा और चाय की खुशबू आपको अतीत की याद दिलाएगी। बागान में घूमते हुए आप उन सदी पुराने बंगलों को देख सकते हैं, जो ब्रिटिश राज के समय की याद दिलाते हैं। इसके बाद थेंगल भवन का दौरा करें, जहां भारत का पहला स्थानीय समाचार पत्र छपा था। यहां का इतिहास केवल संग्रहालयों में नहीं, बल्कि इसकी वास्तुकला और सड़कों में भी जीवित है।
दिन के अंत में, ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बैठकर सूर्यास्त का आनंद लें। स्थानीय लोग यहां ब्लेक टी का आनंद लेते हैं। फिर आप फेरी से माजुली द्वीप जा सकते हैं, जो दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप है। यहां के वैष्णव सत्रों में साधु मिट्टी और बांस से मुखौटे बनाते हैं। रात बिताने के लिए आप यहां के बांस के कुटिया में ठहर सकते हैं, जो असम की ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव कराता है।
जोरहाट का गिब्बन वन्यजीव अभयारण्य, जिसे हॉलोंगापार गिब्बन अभयारण्य के नाम से भी जाना जाता है, एक और अनूठा अनुभव है। यहां आप संकटग्रस्त हूलॉक गिब्बन और विभिन्न प्रजातियों के प्राणियों, पक्षियों और सरीसृपों को देख सकते हैं। यहां की विविधता और प्राकृतिक सुंदरता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।
जोरहाट का भोजन भी एक अलग अनुभव है। सड़क किनारे पिठा और तेंगा मछली की करी का स्वाद लें। इसके अलावा, एशिया के सबसे पुराने गोल्फ कोर्स, जोरहाट जिमखाना क्लब में भी जाएं। यहां आपको स्थानीय लोगों से चाय व्यापार, पोलो और शहर के पुराने दिनों की कहानियां सुनने को मिलेंगी।
हालांकि, जोरहाट की बढ़ती लोकप्रियता का कारण केवल इसकी विरासत नहीं है, बल्कि यहां की नई ऊर्जा भी है। जोरहाट अब अपने सांस्कृतिक धरोहर के साथ-साथ आधुनिकता को भी अपनाने के लिए तैयार है, जिससे यह भारत के यात्रा मानचित्र पर एक नया और महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर सके।