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Monsoon Travel: बरसात में बंद क्यों हो जाते हैं नेशनल पार्क? जान लें असली वजह

Indian Wildlife Sanctuaries: जुलाई या अगस्त में सफारी ट्रिप की योजना ना बना पाना निराशाजनक होता है। यह मौसमी विराम ज्यादातर पर्यटकों को अखरता है। भारत में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से लेकर रणथंभौर और बांधवगढ़ नेशनल पार्क तक सभी को मानसून के दौरान कुछ प्रमुख कारणों से बंद कर दिया जाता है।

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Monsoon Travel

Monsoon Travel Restrictions: अगर आप भारत में वन्यजीव सफारी का प्लान कर रहे हैं तो आपको बताया गया होगा कि मानसून के मौसम के दौरान नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है। लेकिन ऐसा क्यों होता है? भारत के सबसे लोकप्रिय बाघ अभयारण्य और नेशनल पार्क हर साल जुलाई-अगस्त में बंद क्यों हो जाते हैं इसके जवाब को यहां डिटेल में समझाया गया है।

प्रजनन का मौसम: मानसून का मौसम भारत के नेशनल पार्क के अंदर कई प्रजातियों के प्रजनन के समय के आगमन का संकेत देता है। जानवरों के लिए इस महत्वपूर्ण प्रजनन अवधि को ध्यान में रखते हुए पार्क को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है। ऐसा करके मानवीय व्यवधान कम से कम हो सके इसका सुनिश्चित किया जाता है।

यात्रियों की सुरक्षा: मानसून के दौरान मौसम में नाटकीय बदलाव होता है इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। मानसून में भारी बारिश होती है, जिससे भूस्खलन हो सकता है और अचानक बाढ़ आने का खतरा भी बना रहता है। पार्क की सड़कें और पगडंडियां अक्सर घने जंगलों या पहाड़ी इलाकों के बीच बसी होती हैं। मानसून के मौसम में यह फिसलन भरी और जोखिम भरी हो जाती हैं। दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने के लिए भी ऐसा किया जाता है।

रखरखाव पर फोकस: मानसून एक ऐसा समय होता है जब रखरखाव पर फोकस होता है और पार्क के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर काम किया जा सकता है। मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हो सकने वाले या ना नुकसान पहुंचने वाले स्थानों की भी देखरेख इस मौसम में की जाती है। पार्कों के बंद होने से पार्क अधिकारियों को आगामी मौसम के लिए मरम्मत और रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करने का पूरा मौका मिलता है।

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प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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