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'फुटपाथ पर सोना वाहन चालक को लापरवाही करने की अनुमति नहीं देता'; दिल्ली हाईकोर्ट ने रद्द किया एमएसीटी का फैसला

फुटपाथ पर सो रहे लोगों को कुचलने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने एमएसीटी के 50% मुआवजा घटाने के फैसले को रद्द कर दिया है। साथ ही कहा कि फुटपाथ पर आराम कर रहे लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी वाहन चालक की है।

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दिल्ली हाईकोर्ट (फोटो-ANI)

Photo : Twitter

फुटपाथ पर सो रहे लोगों को कुचलने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसला दिया है। इस मौके पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि फुटपाथ पर सो रहे लोगों की मौजूदगी किसी वाहन चालक को लापरवाही से गाड़ी चलाने की छूट नहीं देती। अदालत ने वर्ष 2015 के सड़क हादसे में मारे गए दो लोगों के परिजनों और दो घायलों को मिलने वाले मुआवजे में की गई 50 फीसदी कटौती को रद्द करते हुए पूरी राशि बहाल कर दी। न्यायमूर्ति अनीश दयाल ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) के फैसले को पलटते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति मजबूरी में फुटपाथ पर आराम कर रहा है, तो उसे यह आशंका नहीं हो सकती कि कोई वाहन फुटपाथ पर चढ़कर उसे कुचल देगा।

हाईकोर्ट ने कही ये बात

हाईकोर्ट ने अपने 8 जुलाई के फैसले में कहा कि देश में बड़ी संख्या में बेघर लोग, रात की पाली में काम करने वाले कर्मचारी और निर्माण मजदूर ऐसे हैं, जिनके पास सोने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं होता। ऐसे में वे फुटपाथ को अपेक्षाकृत सुरक्षित जगह मानकर वहां आराम करते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि भले ही फुटपाथ का उपयोग उसके निर्धारित उद्देश्य से अलग तरीके से किया जा रहा हो, लेकिन कानून के तहत किसी वाहन को उस पर चलाने की अनुमति नहीं है।

2015 का है मामला

मामला अक्टूबर 2015 का है, जब तड़के करीब साढ़े चार बजे मादीपुर मेट्रो स्टेशन के नीचे फुटपाथ पर सो रहे चार लोगों को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया था। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। हाईकोर्ट ने बीमा कंपनी को छह सप्ताह के भीतर संशोधित मुआवजा देने का निर्देश दिया है। अदालत ने मृतकों के परिजनों को लगभग 10-10 लाख रुपये, जबकि घायलों को 1,20,005 रुपये और 18,10,569 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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