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Monsoon Travel: हरियाली झरनों और बादलों का जादू, मानसून में घूमें मालशेज घाट

Malshej Ghat During Monsoon: मानसून के समय प्रकृति प्रेमी, फोटोग्राफर्स और ट्रैवलर्स ऐसी लोकेशन की तलाश में होते हैं जहा उन्हें अलग और कुछ हटकर अनुभव हो सके। इसी कड़ी में आज हम आपको महाराष्ट्र के एक खूबसूरत पर्वतीय क्षेत्र के बारे में डिटेल में जानकारी देंगे जहां आप परिवार के साथ या फिर सोलो ट्रिप का प्लान कर सकते हैं।

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Monsoon Travel Malshej Ghat monsoon

Malshej Ghat Monsoon: मानसून का मौसम प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और ट्रैवलर्स को अपनी ओर खींचता है इस बात से शायद ही आप इनकार कर सकें। आज हम आपको महाराष्ट्र के खूबसूरत पर्वतीय क्षेत्र मालशेज घाट के बारे में बताने जा रहे हैं जहां मानसून के दौरान खूबसूरती देखते ही बनती है। मानसून के मौसम में यहां बादल झुकते हैं, झरने बहते हैं और हरियाली एकदम से खिल जाती है।

मानसून में मालशेज घाट की खास बातें: मानसून में यहां जगह-जगह छोटे-बड़े झरने बहते दिखते हैं। बादलों से घिरी घाटियों का नजारा, पक्षियों की आवाज और जीव-जंतु इसके अलावा ट्रेकिंग और नेचर वॉक पर्यटकों को खासा लुभाती है। मानसून के मौसम में यह पिकनिक के लिए भी आदर्श जगह बन जाती है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: मानसून के मौसम में यहां यात्रा करना सबसे परफेक्ट समय होता है। जुलाई से सितंबर के बीच आप यात्रा करने का प्लान कर सकते हैं इस दौरान मौसम सुहावना और हरियाली से भरा हुआ होता है। हरियाली, झरने, और बादलों से ढकी वादियां नेचर लवर्स के लिए परफेक्ट है।

मालशेज घाट कैसे पहुंचें: मालशेज घाट पुणे और मुंबई के बीच अहमदनगर जिले में स्थित है। मुंबई से इसकी दूरी तकरीबन 130 किमी और पुणे से ये लगभग 120 किमी दूर है। कल्याण इसके नजदीकी रेलवे स्टेशन है। रेलवे स्टेशन से मालशेज घाट सिर्फ 85 किमी दूर स्थित है। रेलवे स्टेशन से टैक्सी या बस के द्वारा यहां पहुंचा जा सकता है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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