यात्रा

जुरासिक पार्क देखने के लिए पहुंच जाओ लखनऊ, डायनासोर के साथ ही देख लो विलुप्त हुए सारे जानवर

टूरिस्टों के लिए खुशखबरी है। लखनऊ के Janeshwar Mishra पार्क ने उत्तर प्रदेश का पहला Jurassic Park खोला है, जिसमें जापान और ताइवान से आयातित रोबोट डायनासोर को शामिल किया गया है। पार्क शिक्षा और मनोरंजन को इंटरैक्टिव डिस्प्ले मॉडल के साथ जोड़ता है। यह सभी उम्र के आगंतुकों के लिए एक अनूठा अनुभव प्रदान कर सकता है।

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Janeshwar Mishra Park

लखनऊ घूमने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। नवाबों का शहर अब डायनासोरों का घर बन गया है! जी हां, आपने एकदम सही पढ़ा। लखनऊ के Janeshwar Mishra पार्क ने अपना पहला जुरासिक पार्क खोला है। यह पर्यटकों के लिए प्रागैतिहासिक युग को वापस जीने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। उत्तर प्रदेश में अपनी तरह का पहला अनोखा आकर्षण, पांच एकड़ में फैला हुआ है।

शिक्षा और मनोरंजन का आदर्श मिश्रण है पार्क: इस पार्क को शिक्षा और मनोरंजन का एक आदर्श मिश्रण कहा जा सकता है। इसमें बड़े आकार के रोबोट डायनासोर हैं। ये डायनासोर जापान और ताइवान से आयात किए गए हैं। यह आगंतुकों के लिए एक गहन अनुभव निर्मित कर सकता है। यहां टायरानोसॉरस रेक्स, वेलोसिरैप्टर और ट्राइसेराटॉप्स जैसे प्रसिद्ध डायनासोर की प्रतिकृतियां हैं जो पर्यटकों के लिए काफी लुभावनी हैं।

हिमयुग के अन्य विलुप्त जीव भी आएंगे नजर: डायनासोर के अलावा इस पार्क में हिमयुग के अन्य विलुप्त जीव के भी अनोखे नजारे देखने को मिल सकते हैं। यात्रियों को किंग कांग और गॉडज़िला जैसी प्रसिद्ध हस्तियों की स्थापनाओं का भी अनुभव करने का मौका मिलेगा। ये पार्क कल्पना के स्पर्श के साथ मनोरंजन का भी शानदार मिश्रण है।

इतना है टिकट का प्राइज: जुरासिक पार्क लगभग 8 करोड़ रुपये के निवेश के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत संचालित होगा। पार्क में जलपान के लिए एक कैफेटेरिया भी है, जो इसे और आकर्षक बनाता है। पार्क सोमवार से शुक्रवार तक खुला रहता है। समय: सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक (सप्ताहांत सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक)। टिकट: वयस्कों के लिए 120 रुपये और 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 50 रुपये।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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