Famous Shiv Mandir in Varansi: सावन का महीना शुरू हो चुका है। इस बार सावन का महीना पूरे 2 महीने तक चलेगा। शिव भक्तों के लिए ये एक पावन मास है, इस माह में रखें गए व्रत से भोलेनाथ प्रसन्न होकर अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस महीने में काशी यानी बनारस की यात्रा का अपना अलग महत्व है। सावन में काशी विश्वनाथ सहित इन शिव मंदिरों के दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति होती है। आज हम आपको बताएंगे काशी में कौन कौन से हैं भगवान शंकर के प्रसिद्ध मंदिर जिनके दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएं।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
यह भगवान शिव को समर्पित है तथा स्वर्ण मंदिर के रूप में भी जाना जाता है. भगवान् शिव का काशी से विशेष महात्य है. इन्हें काशी के नाथ देवता भी कहा जाता है कि जिस बिंदु पर पहले ज्योतिर्लिंग, जो दिव्या प्रकाश में स्थित शिव का प्रकाश है. काशी में घाट और उत्तरवाहिनी गंगा एवं मंदिर में स्थापित शिवलिंग वाराणसी को धर्म, अध्यात्म, भक्ति एवं ध्यान का महत्वपूर्ण केंद्र की ख्याती प्रदान करता है
मृत्युंजय महादेव मन्दिर
कालभैरव मंदिर के निकट दारानगर के मार्ग पर भगवान शिव का यह मंदिर स्थित है। इसके अलावा इस मंदिर के बहुत सारे धार्मिक महत्व हैं, जिसका पानी कई भूमिगत धाराओं का मिश्रण है और कई रोगों को नष्ट करने के लिए उत्तम है।

Til Bhandeshwar Mahadev
तिलभांडेश्वर महादेव
ऐसा ही एक प्राचीन मंदिर है तिलभांडेश्वर महादेव, जहां हर साल मकर संक्रांति पर यशिवलिंग तिल-तिल करके बढ़ता है। इस कारण इस मंदिर को तिलभांडेश्वर कहा जाता है। यहां मान्यता प्रचलित है कि ये स्वयंभू शिवलिंग है। ये क्षेत्र ऋषि विभांड की तप स्थली था। ऋषि विभांड यहीं पर शिव पूजा करते थे।
जागेश्वर महादेव मंदिर
ईश्वरगंगी मोहल्ले में स्थित श्री जागेश्वर महादेव मंदिर में हजारों वर्ष पुराना शिवलिंग है। जिसकी लंबाई हर महाशिवरात्री को जौ के बराबर अपने आप बढ़ जाती है।

markandey mahadev varanasi
मार्कंडेय महादेव मंदिर
वाराणसी से करीब 30 किमी दूर गंगा-गोमती के संगम तट पर स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर की महिमा निराली है। यहां पुत्र रत्न की कामना व पति के दीर्घायु की कामना को लेकर लोग आते है। यहां महामृत्युंजय, शिवपुराण , रुद्राभिषेक, व सत्यनारायण भगवान की कथा का भी भक्त अनुश्रवण करते हैं।
