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काशी विश्वनाथ से लेकर तिल भांडेश्वर तक, बनारस के इन शिव मंदिरों के दर्शन से होती है मोक्ष की प्राप्ति

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Jul 4, 2023, 12:11 PM IST

Famous Shiv Mandir in Varansi: सावन का महीना शुरू हो चुका है। इस महीने में काशी यानी बनारस की यात्रा का अपना अलग महत्व है। सावन में काशी विश्वनाथ सहित इन शिव मंदिरों के दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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Famous Shiv Mandir in Varansi

Famous Shiv Mandir in Varansi: सावन का महीना शुरू हो चुका है। इस बार सावन का महीना पूरे 2 महीने तक चलेगा। शिव भक्तों के लिए ये एक पावन मास है, इस माह में रखें गए व्रत से भोलेनाथ प्रसन्न होकर अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस महीने में काशी यानी बनारस की यात्रा का अपना अलग महत्व है। सावन में काशी विश्वनाथ सहित इन शिव मंदिरों के दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति होती है। आज हम आपको बताएंगे काशी में कौन कौन से हैं भगवान शंकर के प्रसिद्ध मंदिर जिनके दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएं।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर

यह भगवान शिव को समर्पित है तथा स्वर्ण मंदिर के रूप में भी जाना जाता है. भगवान् शिव का काशी से विशेष महात्य है. इन्हें काशी के नाथ देवता भी कहा जाता है कि जिस बिंदु पर पहले ज्योतिर्लिंग, जो दिव्या प्रकाश में स्थित शिव का प्रकाश है. काशी में घाट और उत्तरवाहिनी गंगा एवं मंदिर में स्थापित शिवलिंग वाराणसी को धर्म, अध्यात्म, भक्ति एवं ध्यान का महत्वपूर्ण केंद्र की ख्याती प्रदान करता है

मृत्युंजय महादेव मन्दिर

कालभैरव मंदिर के निकट दारानगर के मार्ग पर भगवान शिव का यह मंदिर स्थित है। इसके अलावा इस मंदिर के बहुत सारे धार्मिक महत्व हैं, जिसका पानी कई भूमिगत धाराओं का मिश्रण है और कई रोगों को नष्ट करने के लिए उत्तम है।

Til Bhandeshwar Mahadev

Til Bhandeshwar Mahadev

तिलभांडेश्वर महादेव

ऐसा ही एक प्राचीन मंदिर है तिलभांडेश्वर महादेव, जहां हर साल मकर संक्रांति पर यशिवलिंग तिल-तिल करके बढ़ता है। इस कारण इस मंदिर को तिलभांडेश्वर कहा जाता है। यहां मान्यता प्रचलित है कि ये स्वयंभू शिवलिंग है। ये क्षेत्र ऋषि विभांड की तप स्थली था। ऋषि विभांड यहीं पर शिव पूजा करते थे।

जागेश्वर महादेव मंदिर

ईश्वरगंगी मोहल्ले में स्थित श्री जागेश्वर महादेव मंदिर में हजारों वर्ष पुराना शिवलिंग है। जिसकी लंबाई हर महाशिवरात्री को जौ के बराबर अपने आप बढ़ जाती है।

markandey mahadev varanasi

markandey mahadev varanasi

मार्कंडेय महादेव मंदिर

वाराणसी से करीब 30 किमी दूर गंगा-गोमती के संगम तट पर स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर की महिमा निराली है। यहां पुत्र रत्न की कामना व पति के दीर्घायु की कामना को लेकर लोग आते है। यहां महामृत्युंजय, शिवपुराण , रुद्राभिषेक, व सत्यनारायण भगवान की कथा का भी भक्त अनुश्रवण करते हैं।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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