Colonial Towns India: यूरोप घूमने का मन है लेकिन वीजा, टिकट और बजट बीच में आ रहे है तो टेंशन छोड़ दें। भारत में ही कुछ ऐसे छोटे-छोटे शहर हैं जो आपको सीधा यूरोप वाली फील दे देंगे। चलिए जानते हैं ऐसे ही कुछ मजेदार जगहों के बारे में जो आपकी अगली यात्रा के लिए बिल्कुल परफेक्ट साबित हो सकते हैं। अगली बार विदेश जाने का प्लान हो तो उससे पहले इंडिया में इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं।
पुडुचेरी: पहले इसे पांडिचेरी कहा जाता था। यहां पहुंचते ही लगेगा जैसे फ्रांस की किसी गली में घूम रहे हो। पीले रंग की बिल्डिंग, लोहे की बालकनियां, सड़कों पर खिले बोगनवेलिया और प्यारे-प्यारे कैफे पूरा वाइब ही अलग है। प्रोमेनेड बीच घूमो, साइकिल किराए पर लो और आराम से पूरा टाउन एक्सप्लोर करो मजा आ जाएगा।
त्रांकेबर: ये छोटा सा समुद्री शहर कभी डेनिश कॉलोनी हुआ करता था। यहां का डेंसबर्ग फोर्ट 17वीं सदी की याद दिलाता है। पुराने चर्च, कॉलोनियल स्कूल और शांत बीच यहां आकर सच में लगेगा कि टाइम स्लो हो गया है।
फोंटेनहास: गोवा मतलब पार्टी लेकिन फोंटेनहास बिल्कुल अलग कहानी है। रंग-बिरंगे पुर्तगाली स्टाइल के घर, छोटी-छोटी गलियां, आर्ट गैलरी और बढ़िया कैफे। यहां घूमते हुए लगेगा जैसे यूरोप के किसी पुराने टाउन में आ गए हो। परिवार के साथ या फिर दोस्तों के साथ जाने के लिए अगर आप किसी खास डेस्टिनेशन की तलाश में हैं तो ये बिल्कुल परफेक्ट है।
मैक्लुस्कीगंज: झारखंड में बसा ये छोटा सा टाउन 1930 के दशक में एंग्लो-इंडियनों के लिए बसाया गया था। यहां आज भी अंग्रेजी स्टाइल के कॉटेज, बड़े बगीचे और शांत माहौल मिलेगा। ठंडी हवा और पुरानी बिल्डिंग्स मिलकर पूरा ब्रिटिश गांव वाला फील देती हैं। हनीमून मनाने के लिए भी ज्यादातर कपल मैक्लुस्कीगंज का रुख कर रहे हैं।
लैंडौर: मसूरी के पास बसा लैंडौर तो जैसे मिनी इंग्लैंड है। आइवी से ढके कॉटेज, पुराने कब्रिस्तान, चर्च और शांत सड़कें। यहां भीड़ कम और सुकून ज्यादा मिलेगा। सुबह की वॉक यहां लाइफटाइम याद रह जाएगी। इसके अलावा जंगलों के बीच होमस्टे का मजा आप यहां ले सकते हैं। ट्रेकिंग के शौकीन हैं तो आसपास ट्रेक करके ही आप पूरा लैंडोर एक्सप्लोर कर सकते हैं।
