Chhath Puja Celebration In Sun Temples : छठ पूजा भगवान सूर्य की उपासना का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में ये पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इसके अलावा आज छठ देश के अलग-अलग हिस्सों में आस्था और परंपरा का प्रतीक बन चुका है। छठ पूजा में सूर्य को अर्घ्य देने की प्रथा बेहद प्राचीन है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में कुछ सूर्य मंदिर ऐसे भी हैं जहां छठ पूजा का नजारा सबसे अलग होता है। आइए जानते हैं ऐसे प्रमुख सूर्य मंदिरों के बारे में...
देव सूर्य मंदिर, बिहार
बिहार के औरंगाबाद जिले का देव सूर्य मंदिर छठ पूजा के लिए सबसे प्रसिद्ध स्थानों में से एक है। इस मंदिर को छठ महोत्सव का तीर्थ स्थल भी कहा जाता है। यहां हजारों श्रद्धालु मंदिर के पास स्थित सूर्य कुंड में अर्घ्य देते हैं। मंदिर की विशेषता की बात करें तो इस मंदिर तीन दिशाओं से सूर्य की किरणें कुंड तक पहुंचती हैं। छठ पर्व के दौरान यहां चार दिनों तक भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
कोणार्क सूर्य मंदिर, ओडिशा
ओडिशा का कोणार्क सूर्स मंदिर यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल है। जो आस्था को ऐतिहासिक गहराई देता है। मंदिर का आकार भगवान सूर्य के रथ जैसा है, जिसमें 24 पहिए और सात घोड़े दिखाई देते हैं। यहां स्थानीय लोग और पर्यटक, दोनों छठ पर्व पर विशेष अर्घ्य कार्यक्रम करते हैं। छठ की सुबह सूरज की रोशनी में नहाया ये मंदिर ऐसा लगता है, कि मानें सूर्य देव स्वयं दर्शन दे रहे हों।
लोढरवा सूर्य मंदिर, राजस्थान
राजस्थान के थार मरुस्थल के बीच स्थित लोढरवा में बना सूर्य मंदिर छठ पूजा के लिए एक अनोखा स्थान है। इस मंदिर में भगवान सूर्य की पूजा प्राचीन काल से होती आ रही है। छठ के दिन स्थानीय लोग दिन रेत के बीच बनी झीलों में भगवान सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
