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इस जगह की कैसे करें यात्रा, जहां ज्वालामुखी छोड़ रहा है सोने की धूल, 6,000 डॉलर से अधिक है कीमत

Mount Erebus Releasing Gold Dust: माउंट एरेबस जो कि अंटार्कटिका के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी में से एक है रोजाना छोटे-छोटे सोने के कण छोड़ रहा है। हवा द्वारा लाए गए ये कण 621 मील दूर तक पाए गए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार पिघली हुई चट्टानें पृथ्वी की गहराई से सतह पर आती हैं, जिससे ऐसा होता है।

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volcano releasing gold dust

Mount Erebus Releasing Gold Dust: अंटार्कटिका के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी Mount Erebus को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। ज्वालामुखी से सोने के कण रोजाना रिलीज हो रहे हैं जिसने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि ज्वालामुखी सामान्य रूप से भाप, चट्टानें और गैसें छोड़ता है, लेकिन क्रिस्टलीकृत सोने के छोटे-छोटे छींटों ने शोधकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है।

खबरों की मानें तो हवा द्वारा लाए गए ये सुनहरे कण ज्वालामुखी के शिखर से 621 मील की दूरी पर पाए गए हैं, जिनकी कीमत 6,000 डॉलर से अधिक आंकी गई है। अंटार्कटिका के 138 सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक माउंट एरेबस 12,448 फीट ऊंचा है। नासा के वैज्ञानिकों ने इसपर राय दी है। उनके अनुसार पिघली हुई चट्टानें पृथ्वी की गहराई से सतह पर आती हैं, जिससे क्षेत्र के अत्यधिक ठंडे तापमान में सोने के कण क्रिस्टलीकृत हो जाते हैं।

लेकिन, माउंट एरेबस का मामला थोड़ा अलग है क्योंकि यह सोने के कण निकाल रहा है। ये कण हवा में यात्रा करते हैं और सोने की धूल के रूप में' बड़ी दूरी तक फैल जाते हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, ज्वालामुखी से सालाना लगभग 64.4 पाउंड सोना निकल रहा है जिसकी कीमत लगभग 2 मिलियन डॉलर आंकी जा रही है।

इस पूरे मामले में विशेषज्ञ अप्रत्याशित ज्वालामुखियों से उत्पन्न होने वाले अंतर्निहित खतरों के कारण यहां खनन के प्रयास के विचार के खिलाफ हैं। माउंट एरेबस में तो खतरा और जोखिम और भी बढ़ सकता है। यद्यपि माउंट एरेबस की सोना पैदा करने वाली यह असाधारण विशेषता काफी ज्यादा आकर्षक है।

बता दें कि माउंट एरेबस रॉस द्वीप पर मैकमुर्डो अनुसंधान स्टेशन के ऊपर स्थित है। माउंट एरेबस जाने के लिए सबसे पहले ट्रॉल्स की घाटी से उत्तर-पूर्व की ओर आगे बढ़ना होता है। इसके बाद 1829 और 1821 के बीच की सैडल तक पहुंचना होता है जिसके लिए स्क्री ढलान पर चढ़कर ही यात्रा संभव है। इसके बाद, सैडल से शिखर तक 'सी' आकार की रिज का अनुसरण करें और माउंट एरेबस तक पहुंचे।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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