यात्रा

हिमालय की गोद में बसी एक रहस्यमयी झील, डर और रोमांच दोनों से भरा होगा ट्रेक

Roopkund Hike Uttarakhand: घूमने-फिरने का शौक रखने वाले पर्यटक हमेशा से ही किसी यूनीक और नई लोकेशन की तलाश में रहते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको बताएंगे हिमालय की गोद में बसी एक रहस्यमयी झील के बारे में डिटेल में जानकारी जहां जाकर आपको डर और रोमांच दोनों महसूस हो जाएगा।

Image

Skeleton Lake India

Himalayan Lake With Skeletons: उत्तराखंड के चमोली जिले में समुद्रतल से लगभग 16,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक ऐसी झील की यात्रा जो आपके ट्रैवल बकेट लिस्ट में शामिल हो सकती है। अगर ट्रेकिंग के दौरान आप रोमांच के साथ-साथ थोड़ा एडवेंचर करने के भी शौकीन हैं तो फिर आपको रूपकुंड झील का रुख करना चाहिए। रूपकुंड झील को कंकालों की झील के नाम से भी जाना जाता है। इस झील की खासियत ये है कि जब बर्फ पिघलती है, तो झील के अंदर और किनारे मानव खोपड़ियां और हड्डियां साफ नजर आती हैं जो अपने आप में हैरान कर देने वाला नजारा होता है।

रूपकुंड ट्रेक रोमांच और रहस्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। भारत के सबसे प्रसिद्ध हाई-एल्टीट्यूड ट्रेक्स में से एक इसे माना जाता है जो आपकी यात्रा में रोमांच जोड़ने का काम कर सकता है। मुख्य ट्रेक रूट को सीधे और सरल शब्द में यहां समझा जा सकता है। ट्रेक रूट- लोहाजंग → वान → बेदिनी बुग्याल → पातर नचौनी → भगुवाबासा → रूपकुंड

मंजिल से ज्यादा सफर खूबसूरत है ये बात रूपकुंड ट्रेक के दौरान आपको समझ आ जाएगी क्योंकि रास्ते के दौरान आपको हरे-भरे घास के मैदान, हिमालय के नजारे, शांत जंगल और रहस्यमयी हवा का एहसास हो जाएगा।

ट्रेकिंग के लिए बेस्ट टाइम मई- जून महीने का होता है क्योंकि इस दौरान बर्फ बनी रहती है। साफ मौसम, बर्फ कम लेकिन ट्रेक करना आसान सितंबर-अक्टूबर के महीने के दौरान होता है। नवंबर-अप्रैल के बीच भारी बर्फबारी के कारण ट्रेक बंद रहता है। गाइड के बिना जाना खतरनाक हो सकता है ऐसे में सावधानी जरूर बरतें।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

और पढ़ें
End of Article