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आनंद महिंद्रा ने दिखाया झारखंड का छिपा हुआ स्वर्ग, जानें वो हिल स्टेशन जो कहलाता है बादलों की पहाड़ी

Jharkhand Tourism: आनंद महिंद्रा ने झारखंड का एक नायाब खजाना दिखाया है। ये है मेघाहातुबुरु हिल स्टेशन जिसे बादलों की पहाड़ी के नाम से भी जाना जाता है।

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झारखंड का अनछुआ-अनदेखा स्वर्ग मेघाहातुबुरु हिल स्टेशन

Jharkhand Tourism: भारत में घूमने की बात आते ही अक्सर लोगों के दिमाग में गोवा, हिमाचल या राजस्थान जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल ही आते हैं। लेकिन देश की असली खूबसूरती कई बार उन जगहों में छिपी होती है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। हाल ही में उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने झारखंड के एक ऐसे ही अनछुए हिल स्टेशन मेघाहातुबुरु (meghahatuburu) को दुनिया के सामने लाकर चर्चा छेड़ दी है। उनके एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद यह शांत पहाड़ी इलाका अचानक यात्रियों की नई ट्रैवल लिस्ट में शामिल हो गया है।

झारखंड का अनछुआ-अनदेखा स्वर्ग

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में स्थित मेघाहातुबुरु समुद्र तल से लगभग 4300 फीट की ऊंचाई पर बसा है। इसे 'हिल ऑफ क्लाउड्स' यानी बादलों की पहाड़ी कहा जाता है। चारों ओर फैले घने जंगल, पहाड़ों की लंबी श्रृंखला और प्रकृति की कच्ची सुंदरता इसे बेहद खास बनाती है।

आनंद महिंद्रा ने खुद स्वीकार किया कि भारत में छुट्टी प्लान करते समय उन्होंने भी कभी झारखंड के बारे में नहीं सोचा था, लेकिन मेघाहातुबुरु की तस्वीरें देखकर वे इसकी खूबसूरती से प्रभावित हुए और लोगों से ऐसे अनदेखे पर्यटन स्थलों को एक्सप्लोर करने की अपील की। बता दें कि यह इलाका सरंडा जंगल के बीच स्थित है, जिसे 'सात सौ पहाड़ियों की धरती' भी कहा जाता है। यहां सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

प्रकृति प्रेमियों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन

मेघाहातुबुरु उन लोगों के लिए आदर्श जगह है जो भीड़भाड़ से दूर सुकून भरी यात्रा चाहते हैं। यहां की खास बात यह है कि पर्यटन अभी भी व्यावसायिक रूप से विकसित नहीं हुआ है, इसलिए प्राकृतिक सौंदर्य लगभग अपने मूल रूप में मौजूद है।

घने साल जंगल, पहाड़ी रास्ते, शांत घाटियां और बादलों से ढकी सुबहें इसे किसी फिल्मी लोकेशन जैसा एहसास देती हैं। यहां ट्रेकिंग, जंगल वॉक और नेचर फोटोग्राफी का अनुभव बेहद खास माना जाता है।

झारखंड का नायाब खजाना मेघाहातुबुरु हिल स्टेशन

झारखंड का नायाब खजाना मेघाहातुबुरु हिल स्टेशन

मेघाहातुबुरु में क्या देख सकते हैं

अगर आप यहां यात्रा की योजना बना रहे हैं तो आसपास कई खूबसूरत जगहें आपका इंतजार कर रही हैं। यहां आप इन चीजों का आनंद ले सकते हैं -

  • सरंडा फॉरेस्ट सफारी और जंगल ट्रेल
  • शानदार सनसेट पॉइंट
  • झरने और प्राकृतिक जलधाराएं
  • खंडाधार जलप्रपात और आसपास के वाटरफॉल
  • स्थानीय आदिवासी गांव और संस्कृति की झलक

यह क्षेत्र पास के किरिबुरु इलाके से जुड़ा हुआ है, जहां से पहाड़ियों का 360 डिग्री व्यू देखने को मिलता है।

क्यों खास है झारखंड का यह हिल स्टेशन

झारखंड लंबे समय तक मुख्यधारा पर्यटन से दूर रहा, जबकि यहां घने जंगल, झरने और पहाड़ी इलाकों की भरमार है। मेघाहातुबुरु इस बात का उदाहरण है कि भारत में अभी भी कई ऐसी जगहें हैं, जो भीड़ से दूर होते हुए भी प्राकृतिक सुंदरता में किसी प्रसिद्ध हिल स्टेशन से कम नहीं हैं।

मेघाहातुबुरु को बादलों की पहाड़ी कहते हैं

मेघाहातुबुरु को बादलों की पहाड़ी कहते हैं

आनंद महिंद्रा का यह प्रयास सिर्फ एक जगह को ही सुर्खियों में नहीं लाया है, बल्कि यह यात्रियों की को एक नई सोच देने जैसा भी है कि कभी-कभी सबसे यादगार यात्राएं उन्हीं जगहों पर होती हैं, जिनके बारे में हमने पहले सुना भी नहीं होता।

ऑफबीट ट्रैवल का नया ट्रेंड

आज के समय में ट्रैवलर्स भीड़भाड़ वाले टूरिस्ट स्पॉट से हटकर शांत और अनछुए डेस्टिनेशन खोज रहे हैं। मेघाहातुबुरु इसी नई ट्रैवल सोच का प्रतीक बनकर उभर रहा है। अगर आप प्रकृति, शांति और असली भारत को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो झारखंड के इस छिपे स्वर्ग को देखने का प्लान बना सकते हैं।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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