Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म की सबसे खास यात्राओं में से एक है। हर साल हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए इस यात्रा पर जाते हैं। 2026 में इस यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन (Amarnath Yatra registration) 15 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है, जो देशभर की 554 बैंक शाखाओं में किया जाएगा।
कैसे होगा रजिस्ट्रेशन
इस बार रजिस्ट्रेशन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा। यानी जो पहले आवेदन करेगा, उसे पहले मौका मिलेगा। हर दिन के लिए यात्रियों की एक लिमिट तय की गई है। खास बात ये है कि इस बार आधार आधारित बायोमेट्रिक सिस्टम का इस्तेमाल होगा और परमिट (अनुमति पत्र) ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।
कौन कर सकता है यात्रा?
- उम्र 13 से 70 साल के बीच होनी चाहिए
- 6 हफ्ते से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को अनुमति नहीं होगी
यात्रा का महत्व
अमरनाथा यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव के बर्फ से बने प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करना है। यह गुफा करीब 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। यहां पहुंचने के दो रास्ते हैं: पहलगाम (लगभग 46 किमी) और बालटाल (लगभग 14 किमी) का रास्ता है।
यात्रा से पहले क्या जरूरी है?
RFID कार्ड लेना अनिवार्य होगा (जम्मू-कश्मीर से मिलेगा)। यहां मौसम कभी भी बदल सकता है ऐसे में ऊनी कपड़े जरूर रखें। छाता और रेनकोट साथ रखें। वाटरप्रूफ और मजबूत जूते पहनें
जरूरी डॉक्यूमेंट्स
- हेल्थ सर्टिफिकेट (डॉक्टर से)
- पहचान पत्र
- रजिस्ट्रेशन फीस: ₹150
यात्रा के दौरान ध्यान रखने वाली बातें
ऊंचाई पर होने वाली बीमारी को नजरअंदाज ना करें। शराब और कैफीन से दूर रहें। जहां खतरे के साइन लगे हों, वहां ना रुकें। सबसे जरूरी बात यात्रा के दौरान सिर्फ ट्रेकिंग शूज पहनें। संक्षेप में समझें तो अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन केवल 13 से 70 वर्ष के बीच के श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध होगा। RFID कार्ड प्राप्त करना अनिवार्य है और यात्रा के लिए आवश्यक स्वास्थ्य प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। श्रद्धालुओं को ऊनी कपड़े, जलरोधक जूते, और अन्य जरूरी सामान साथ लाने की सलाह दी गई है। यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना भी बेहद आवश्यक है।
