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Whatsapp की सख्ती, एक साथ बंद किए 84 लाख अकाउंट, कहीं आप तो नहीं शामिल

WhatsApp bans over 84 lakh Indian accounts: यूजर्स रिपोर्ट के बारे में, व्हाट्सएप ने खुलासा किया कि अगस्त 2024 में, उसे अपने ग्रीवेंस मैकेनिज्म के माध्यम से 10,707 यूजर्स रिपोर्ट मिलीं। कंपनी ने कहा कि 1 अगस्त से 31 अगस्त के बीच कुल 8,458,000 भारतीय अकाउंट को ब्लॉक किया गया है। इनमें से 1,661,000 अकाउंट को सक्रिय रूप से प्रतिबंधित किया गया।

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WhatsApp Bans Over 80 Lakh Accounts: व्हाट्सएप ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी का उल्लंघन करने के लिए एक महीने में 8.4 मिलियन से अधिक (84 लाख) भारतीय अकाउंट को बंद कर दिया है। इन अकाउंट को 1 अगस्त से 31 अगस्त के बीच बंद किया गया है।

एक महीने में बंद किए लाखों अकाउंट

व्हाट्सएप ने अपनी मासिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। कंपनी ने कहा कि 1 अगस्त से 31 अगस्त के बीच कुल 8,458,000 भारतीय अकाउंट को ब्लॉक किया गया है। इनमें से 1,661,000 अकाउंट को सक्रिय रूप से प्रतिबंधित किया गया, जिसका अर्थ है कि किसी भी यूजर्स की शिकायत प्राप्त होने से पहले ही उनका पता लगा लिया गया और उन पर कार्रवाई की गई।

बता दें कि सोशल मीडिया कंपनियों को यह रिपोर्ट भारत की इलेक्ट्रॉनिकी अधिनियम (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 के नियम 4(1)(d) और नियम 3A(7) के अनुसार हर महीने देनी होती है।

क्यों बैन हुए अकाउंट्स

रिपोर्ट के अनुसार, ये प्रतिबंध मुख्य रूप से व्हाट्सएप के एक्टिव ऑटोमेटेड सिस्टम की मदद से किया गया है। जिन्हें संदिग्ध व्यवहार पैटर्न, जैसे कि बल्क मैसेजिंग, जो कि स्कैम या प्लेटफार्म के दुरुपयोग की पहचान करता है।

यूजर्स रिपोर्ट के बारे में, व्हाट्सएप ने खुलासा किया कि अगस्त 2024 में, उसे अपने ग्रीवेंस मैकेनिज्म के माध्यम से 10,707 यूजर्स रिपोर्ट मिलीं। इनमें से, व्हाट्सएप ने 93 शिकायतों पर कार्रवाई की। यह शिकायतें ईमेल और पोस्टल चैनलों के माध्यम से अपने भारत शिकायत अधिकारी को सीधे भेजी गई थीं। जिनमें प्रतिबंध अपील, अकाउंट सपोर्ट, सेफ्टी इश्यू, और अन्य यूजर्स रिलेटेड चिंताएं थीं।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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