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UPI Transactions: जून में UPI ट्रांजेक्शन में हल्की गिरावट, 20.07 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा आंकड़ा

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 1, 2024, 07:46 PM IST

UPI Transactions: जून 2024 में यूपीआई से ट्रांजेक्शन का आंकड़ा 13.89 बिलियन तक पहुंच गया। साल दर साल आधार पर (YoY) पर इसमें 49 फीसदी की बंपर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2024 की शुरुआत से यूपीआई लेनदेन की मात्रा में औसतन 50 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि हुई है।

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UPI, NPCI

Photo : iStock

UPI Transactions: यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए ट्रांजेक्शन में जोरदार इजाफा हुआ है। जून 2024 में यूपीआई से ट्रांजेक्शन का आंकड़ा 13.89 बिलियन तक पहुंच गया। साल दर साल आधार पर (YoY) पर इसमें 49 फीसदी की बंपर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने जारी आंकड़े में इस बात की जानकारी दी है। जून में लेन-देन का वौल्यूम 20.07 लाख करोड़ रुपये रहा, जो मई में 20.45 लाख करोड़ रुपये से 1.9 फीसदी कम है। साल-दर-साल आधार पर, लेन-देन के वौल्यूम में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

एवरेज ट्रांजेक्शन

रोजाना का एवरेज ट्रांजेक्शन राशि 66,903 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि जून में औसत रोजाना का लेन-देन की संख्य 463 मिलियन थी। जून में, तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) लेन-देन की मात्रा मई में 558 मिलियन की तुलना में 7 प्रतिशत घटकर 517 मिलियन रह गई। अप्रैल 2016 में UPI के शुरू होने के बाद मई 2024 में वॉल्यूम और वैल्यू दोनों के मामले में ट्रांजैक्शन सबसे ज्यादा हुए थे।

आधार-इनेबल्ड पेमेंट

आधार-इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए भी लेनदेन में बढ़ोतरी देखी गई। मार्च 2024 के बाद ट्रांजेक्शन का वौल्यूम एक बार फिर से 100 मिलियन तक पहुंच गया। हालांकि, FASTag की मात्रा में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि औसत दैनिक लेन-देन पिछले महीने के 11.21 मिलियन की तुलना में घटकर 11.15 मिलियन रह गया। जून में इसका वैल्यू पिछले महीने के 191 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 193 करोड़ रुपये प्रतिदिन हो गया।

2024 की शुरुआत से यूपीआई लेनदेन की मात्रा में औसतन 50 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि हुई है। वर्ष के पहले छह महीनों के दौरान लेनदेन मूल्य में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उपभोक्ता खर्च में वृद्धि से यूपीआई लेनदेन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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