AI Summit 2026: सोहा अली खान ने महिलाओं के लिए डिजिटल रिस्क बढ़ने पर नैतिक AI सुरक्षा उपायों की मांग की
- Authored by: गौरव तिवारी
- Updated Feb 16, 2026, 04:13 PM IST
AI Summit 2026: Soha Ali Khan ने कहा कि हालांकि Artificial Intelligence के कई फायदे हैं, लेकिन यह जल्दी ही गलत इस्तेमाल की ओर भी बढ़ रही है। उन्होंने बताया, 'एआई अब तेज, सस्ता और ज्यादा सुलभ हो गया है।
एक्स्ट्रेस ने कहा कि टेक्नोलॉजी ने महिलाओं को सीखने, काम करने और अपनी बात रखने का अवसर दिया है।
Soha Ali Khan ने तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में महिलाओं के सामने बढ़ रहे खतरों को लेकर चिंता जताई है। India AI Impact Summit 2026 में उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नैतिक सुरक्षा उपाय अब कोई विकल्प नहीं रहे, बल्कि समय की जरूरत बन चुके हैं।
तकनीक, महिलाओं और सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर बात करते हुए Soha Ali Khan ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा, “मैंने खुद भारत में यह बदलाव देखा है। आज महिलाएं ऑनलाइन अपना कारोबार शुरू कर रही हैं। लड़कियां अब उन कहानियों का हिस्सा बन रही हैं, जो पहले सिर्फ उद्यमियों तक सीमित थीं। उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने महिलाओं के लिए बिजनेस शुरू करने और अपनी कहानी दुनिया तक पहुंचाने के नए मौके खोल दिए हैं।
ऑनलाइन टूल्स ने महिलाओं को सशक्त बनाया
Soha Ali Khan के अनुसार, डिजिटल साक्षरता के प्रयास और ऑनलाइन टूल्स ने महिलाओं को सशक्त बनने के नए मौके दिए हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक ने युवा महिलाओं को सिर्फ शिक्षा तक पहुंच बनाने में ही मदद नहीं की, बल्कि अपनी आवाज भी उठाने का मौका दिया। उन्होंने बताया, 'एआई अद्भुत है। यह स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनाता है, शिक्षा को बढ़ाता है और मातृ स्वास्थ्य के अंतर को कम करता है। अपने काम के दौरान मैंने देखा है कि डिजिटल टूल्स सच में सशक्तिकरण कर रहे हैं—डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों से लेकर युवा लड़कियों को आत्मविश्वासी कहानीकार बनने तक।'
हालांकि, सोहा ने चेतावनी दी कि डिजिटल दुनिया उस समाज की असमानताओं का प्रतिबिंब है जो इसे आकार देता है। "डिजिटल दुनिया तटस्थ नहीं है। यह उस समाज को दर्शाती है जो इसे बनाता है। और अब एआई सब कुछ तेजी से आगे बढ़ा रहा है," उन्होंने टिप्पणी की, यह बताते हुए कि कैसे उभरती प्रौद्योगिकियाँ अवसर और नुकसान दोनों को बढ़ा सकती हैं।
गलत इस्तेमाल की तरफ भी बढ़ रहा एआई
Soha Ali Khan ने कहा कि हालांकि Artificial Intelligence के कई फायदे हैं, लेकिन यह जल्दी ही गलत इस्तेमाल की ओर भी बढ़ रही है। उन्होंने बताया, 'एआई अब तेज, सस्ता और ज्यादा सुलभ हो गया है। किसी की नकल करना, डीपफेक बनाना, तस्वीरों में बदलाव करना या निजी डेटा का दुरुपयोग करना पहले से कहीं आसान हो गया है। और अधिकतर महिलाओं के लिए, दुर्भाग्य से, इसका मुकाबला करना मुश्किल है।'
नुकसान के गंभीर असर हो सकते हैं
Soha Ali Khan की चिंता सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन नुकसान के बहुत गंभीर असर हो सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, 'यह सिर्फ तकनीकी समस्या नहीं है। यह मानसिक स्वास्थ्य, सार्वजनिक स्वास्थ्य और मानव अधिकारों से जुड़ा मामला है। इसलिए नैतिक एआई अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य है।'
Soha Ali Khan ने नैतिक एआई का मतलब समझाते हुए व्यापक सुरक्षा उपायों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “जब मैं नैतिक एआई की बात करती हूं, तो मेरा मतलब है—डिज़ाइन में सुरक्षा, डिफॉल्ट रूप से गोपनीयता, स्पष्ट रिपोर्टिंग सिस्टम और असली जवाबदेही।” जैसे-जैसे भारत तेजी से डिजिटल दुनिया की ओर बढ़ रहा है, सोहा की बातें जिम्मेदार नवाचार की मांग में शामिल होती हैं। उनकी अपील नीति-निर्माताओं, टेक कंपनियों और समाज को यह याद दिलाती है कि तकनीकी प्रगति महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और अधिकारों के खिलाफ नहीं होनी चाहिए।
ऐसा AI बनाना चाहिए जो महिलाओं की सुरक्षा करे
एक्ट्रेस ने कहा कि “अगर महिलाएं ऑनलाइन सुरक्षित महसूस करेंगी, तभी वे पूरी तरह आगे बढ़ पाएंगी। हमें ऐसा AI बनाना चाहिए जो महिलाओं की सुरक्षा करे और उन्हें आत्मविश्वास के साथ डिजिटल दुनिया में आगे आने में मदद करे।”cयह कार्यक्रम United Nations Population Fund (UNFPA) ने Ikigai Law और University of Melbourne के सहयोग से आयोजित किया था। इसमें नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और शोधकर्ता शामिल हुए।
