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'एडवांस टिप' मांगना Uber को पड़ा भारी, सरकार ने दिए जांच के आदेश

Uber advance tip: इस फीचर के तहत, उबर ऐप यूजर्स से राइड बुक करते समय 50 रुपए, 75 रुपए या 100 रुपए की टिप जोड़ने के लिए कहता है। ऐप यूजर्स को बताता है कि टिप जोड़ने से ड्राइवर के ट्रिप एक्सेप्ट करने की संभावना बढ़ सकती है।

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Uber advance tip feature(AP Photo/Richard Drew, File)

Uber Faces Notice over Advanced Tip feature: उबर को अपने नए 'एडवांस टिप' फीचर को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इस फीचर को लेकर यूजर्स का आरोप है कि राइड-हेलिंग कंपनी जल्दी राइड बुक करने की आड़ में अपने ग्राहकों को अतिरिक्त पैसे देने को मजबूर करती है।

इसी कड़ी में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) की ओर से उबर को इस मुद्दे पर एक औपचारिक नोटिस भेजा गया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी इस कदम की आलोचना की और इसे अनैतिक और शोषणकारी बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इस तरह की सुविधा अनुचित व्यापार प्रथाओं के अंतर्गत आती है और उन्होंने इसकी पूरी जांच के आदेश दिए हैं।

इस फीचर के तहत, उबर ऐप यूजर्स से राइड बुक करते समय 50 रुपए, 75 रुपए या 100 रुपए की टिप जोड़ने के लिए कहता है। ऐप यूजर्स को बताता है कि टिप जोड़ने से ड्राइवर के ट्रिप एक्सेप्ट करने की संभावना बढ़ सकती है। इसमें यह भी स्पष्ट रूप से कहा गया है कि एक बार टिप जोड़ने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है और यह सुनिश्चित करता है कि पूरी टिप ड्राइवर को जाए।

कई लोग उबर के इस फीचर से खुश नहीं हैं। लोगों ने इसकी तुलना वेटर को सेवा देने से पहले ही पैसे देने से की है। एक यूजर ने लिखा कि ड्राइवर अब नियमित किराए पर सवारी स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं और ग्राहकों को केवल पिक-अप के लिए 100 रुपए से ज्यादा की टिप देने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

एक दूसरे यूजर ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी की कि उबर चाहता है कि कस्टमर एक्स्ट्रा पे करें ताकि राइड रिक्वेस्ट को कोई तो स्वीकार कर ले। 'बहुत बढ़िया कदम।' कई यूजर्स ने बताया कि टिप किसी को अच्छी सेवा के बाद धन्यवाद देने का एक तरीका होना चाहिए, न कि सेवा प्राप्त करने के लिए भी एडवांस पे किया जाना चाहिए। एक यूजर ने बताया कि उन्हें हाल ही में उबर का उपयोग करना पड़ा और वे यह देखकर चौंक गए कि ड्राइवर आने से पहले ही टिप मांग रहे थे।

एक दूसरे यूजर ने इस सुविधा को 'बुरा व्यवहार' बताया और कहा कि ऐसा लगता है, जैसे किसी रेस्तरां में सेवा पाने के लिए वेटर को पैसे देने के लिए मजबूर किया जा रहा हो। कुछ लोगों ने इसे रिश्वत का एक रूप भी कहा। उन्होंने कहा कि यह टिप नहीं है, उबर अब यूजर्स से सिर्फ समय पर पिक-अप पाने के लिए ड्राइवरों को रिश्वत देता है। यह पहली बार नहीं है, जब उबर को उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण के साथ परेशानी का सामना करना पड़ा है।

इससे पहले जनवरी में सीसीपीए ने उबर और ओला दोनों को नोटिस भेजा था, जिसमें शिकायत की गई थी कि वे ग्राहकों द्वारा एंड्रॉयड या आईफोन डिवाइस का उपयोग किए जाने के आधार पर अलग-अलग किराया वसूल रहे हैं।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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