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स्पैम कॉल से मिलेगा निजात, TRAI ने दूरसंचार कंपनियों को दिए निर्देश

TRAI On Spam Calls: स्पैम कॉल के लिए निगरानी सिस्टम को मजबूत करने के लिए ट्राई ने PMR के फॉर्मेट में भी बदलाव किए हैं। ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को कहा है कि वह अपने प्लेटफार्म को ज्यादा यूजरफ्रेंडली बनाएं।

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TRAI On Spam Calls

KEY HIGHLIGHTS
  • शिकायतों को मॉनिटर कर सकेंगे यूजर्स
  • हर महीने ट्राई को देनी होगी रिपोर्ट
  • ज्यादा यूजरफ्रेंडली होंगे प्लेटफार्म

TRAI On Spam Calls: टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने अनचाही कॉल पर अंकुश के लिए दूरसंचार कंपनियों को निर्देश दिए हैं। ट्राई ने अपने निर्देश में कहा कि वे अपने मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल को स्पैम संबंधी शिकायतों के पंजीकरण और वरीयता एवं सेटिंग की प्रेफरेंस को यूजर फ्रेंडली बनाएं। ट्राई ने यह भी कहा कि सभी सर्विस प्रोवाइडर को पिछली तिमाही के बजाय मासिक आधार पर प्रदर्शन निगरानी रिपोर्ट पेश करनी होगी।

यूजर फ्रेंडली बनाएं प्लेटफार्म

रेगुलेटरी ने एक विज्ञप्ति में कहा, "अनचाहे वाणिज्यिक संचार (यूसीसी) यानी स्पैम को कम करने के अपने निरंतर प्रयास में ट्राई ने सेवा प्रदाताओं को अपने मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल को बेहतर बनाना अनिवार्य कर दिया है, ताकि स्पैम कॉल संबंधी शिकायतों के पंजीकरण और वरीयता की सेटिंग के लिए उन्हें यूजर के अधिक अनुकूल बनाया जा सके।"

शिकायतों को मॉनिटर कर सकेंगे यूजर्स

ट्राई ने सेवा प्रदाताओं को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि स्पैम शिकायत के पंजीकरण और वरीयता प्रबंधन के विकल्प उनके मोबाइल ऐप और वेबसाइट पर आसानी से उपलब्ध हों। इसके अलावा यदि यूजर्स अपने कॉल ब्योरा और अन्य प्रासंगिक डेटा तक पहुंच की अनुमति देते हैं तो शिकायतों के पंजीकरण के लिए जरूरी ब्योरा स्वचालित रूप से दर्ज हो जाना चाहिए।

विज्ञप्ति के मुताबिक, स्पैम कॉल के लिए निगरानी सिस्टम को मजबूत करने के लिए ट्राई ने प्रदर्शन निगरानी रिपोर्ट (पीएमआर) के प्रारूपों में भी संशोधन लागू किए हैं। अधिक विस्तृत निगरानी के लिए अब सभी प्रदाताओं को मासिक आधार पर प्रदर्शन निगरानी रिपोर्ट देनी होगी जबकि अभी तक उन्हें पिछली तिमाही की रिपोर्ट देनी होती थी।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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