टेक एंड गैजेट्स

5G और गांव कनेक्शन : कृषि क्षेत्र के लिए ऐसे वरदान साबित होगी ये टेक्नोलॉजी

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 4, 2022, 09:08 PM IST

IMC 2022 में भारत में 5G सेवाओं की शुरुआत कर दी है। जियो ने ये भी कहा है कि अगले साल दिसंबर तक देश के हर कोने-कोने में 5G सर्विसेज पहुंच जाएंगी।

Image

कृषि क्षेत्र के लिए ऐसे वरदान साबित होगी 5G टेक्नोलॉजी

Photo : iStock

4 अक्टूबर: इंडियन मोबाइल कांग्रेस 2022 में आधिकारिक रूप से भारत में 5G की शुरुआत कर दी गई है। 5G की लॉन्चिंग खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। जियो दिल्ली-मुबंई समेत चार शहरों में कल यानी 5 अक्टूबर से 5G सेवाओं का ट्रायल शुरू करने जा रहा है। हालांकि, 5G के आने से इसका फायदा केवल शहरी लोगों को नहीं मिलेगा। बल्कि इसका फायदा गांवों में किसानों को भी मिलेगा। इसके लिए लगभग सभी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों ने कुछ खास तरीके पेश किए हैं, जिनसे किसानों का फायदा होगा।

सेंसर से मिलेगा फायदा

टेक्वनोलॉजी के विकास के साथ-साथ सेंसर्स भी काफी दमदार होते हैं और इनकी ताकत हाई स्पीड इंटरनेट के साथ दोगुनी हो जाती है। ऐसे में इसका बड़ा फायदा एग्रीकल्चर सेक्टर को भी मिल सकता है। इन्हीं को ध्यान में रखकर कंपनियों ने कुछ प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। इन्हीं पर डालते हैं एक नजर।

Vi का SmartAgri प्रोजेक्ट

Vi (वोडाफोन-आइडिया) द्वारा एक प्रोजेक्ट रन किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को SmartAgri नाम दिया गया है। इसके तहत यूपी, महाराष्ट्र, राजस्थान, असम, तेलंगाना, एमपी, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु और बंगाल में पांच लाख किसानों को जोड़ा गया है। इन किसानों की जमीन पर कई तरह के सेंसर्स लगाए गए हैं। इनमें से एक सेंसर नमी बताता है। इसी तरह एक कीट-पतंगों की तस्वीर एक्सपर्ट्स के पास भेजता है। ताकी वे पता कर सकें कि तस्वीर में कौन सा कीड़ा है और इससे कैसे निपटा जा सकता है।

एयरटेल की स्मार्ट फार्मिंग

Vi की तरह एयरटेल भी एक स्मार्ट फार्मिंग प्रोजेक्ट पर कोच्चि में काम कर रहा है। एयरटेल के स्मार्ट फॉर्मिंग प्रोजेक्ट में सेंसर और कैमरे के जरिए मिट्टी और पेड़-पौधों का रख-रखाव किया जाता है। सेंसर्स लगातार मिट्टी और पेड़ों की स्थिति पर नजर रखते हैं और फिर ये डेटा एक क्लाउड सर्वर पर एनालिसिस के लिए भेजा जाता है। इसका आउटपुट फिर ऐप के जरिए किसानों को मिलता है। एयरटेल ने इस प्रोजेक्ट के लिए पूसा और दूसरे बड़े इंस्टीट्यूट के साथ हाथ भी मिलाया है।

जियो कृषि

Vi और एयरटेल की तरह जियो ने भी एग्री कल्चर सेक्टर के लिए एग्री सेंसर पेश किया है। इसका नाम जियो कृषि रखा गया है। ये सेंसर जमीन में लगाने के बाददो एकड़ तक की जमीन में सिंचाई की स्थिति का पता लगाता है। साथ ही कनेक्टेड ऐप मिट्टी में नमी और तापमान स्तर को बताता है। किसी भी तरह की दिक्कत आती है तो ये अलर्ट भी भेजता है।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article