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इन CCTV कैमरा पर सरकार ने लगाई रोक, सिक्योरिटी के लिए घर में लगा रखा है तो जान लें नया नियम

इस तरह के प्रोडक्ट को सर्विलांस के टूल के तौर पर तेजी से अपनाया जा रहा है जिसकी वजह से साइबर क्रिमिनल्स के द्वारा हैकिंग का खतरा भी तेजी से बढ़ता है। नए सर्टिफिकेशन नियमों को लागू करने का सरकार का यह मकसद है कि सीसीटीवी कैमरे तक किसी भी तरह से साइबर क्रिमिनल्स की पहुंच न हो सके।

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सरकार ने नॉन सर्टिफाइट सीसीटीवी कैमरा पर लगाया प्रतिबंध। (फोटो क्रेडिट-iStock)

अगर आपके घर पर सीसीटीवी कैमरा लगा है या फिर आप लगवाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए काम की खबर है। सरकार ने सीसीटीवी कैमरा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है जिसका कई लोगों पर सीधा असर पड़ने वाला है। भारत सरकार ने 1 अप्रैल से चीनी कंपनियों की तरफ से तैयार नॉन सर्टिफाइड सीसीटीवी कैमरा पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में अगर आप घर पर सीसीटीवी कैमरा इंस्टाल कराने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आइए आपको बताते हैं कि अब आपको किस तरह के कैमरा का चुनाव करना चाहिए।

आपको बात दें कि नए नियम के मुताबिक 1 अप्रैल से चीनी कंपनियों के ऐसे सीसीटीवी कैमरा पर रोक लगाई गई है जो कि नॉन सर्टिफाइड इंटरनेट कनेक्टेड फंक्शन पर काम करते हैं। इसके बाद Hike Vision और Dahua Technology समेत दूसरी चीनी निर्माताओं द्वारा तैयार इंटरकनेक्टेड सीसीटीवी कैमरा और उससे जुड़े हार्डवेयर की अब बिक्री नहीं होगी। इस फैसले का असर TP-Link के सीसीटीवी कैमरा पर भी पड़ा है।

जरूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा

आपको बता दें कि इस महीने की शुरुआत से स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग और क्वालिटी सर्टिफिकेशन (STQC) फ्रेमवर्क के तहत नए सर्टिफिकेशन नियम लागू कर दिए गए हैं। नए नियमों के मुताबिक अब भारत में बेचने से पहले सभी CCTV कैमरा और प्रोडक्ट को तय मानकों और जरूरी मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य होगा। सरकार के इस फैसले से यह भी पता चलता है कि कनेक्टेड डिवाइसेज के लिए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड को सख्त किया जा रहा है।

इस वजह से लागू हुए नियम

बता दें कि इस तरह के प्रोडक्ट को सर्विलांस के टूल के तौर पर तेजी से अपनाया जा रहा है जिसकी वजह से साइबर क्रिमिनल्स के द्वारा हैकिंग का खतरा भी तेजी से बढ़ता है। नए सर्टिफिकेशन नियमों को लागू करने का सरकार का यह मकसद है कि सीसीटीवी कैमरे तक किसी भी तरह से साइबर क्रिमिनल्स की पहुंच न हो सके। नए नियम के अनुसार डिवाइसेज में हार्डवेयर क्रेडेंशियल या फिर छिपे हुए बैकडोर किसी भी तरह से नहीं होने चाहिए। इन डिवाइसेस में समय-समय पर सुरक्षित फर्मवेयर और अपडेट्स मिलने चाहिए।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारी author

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से ... और देखें

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