जनजातीय कार्य मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने इन स्टार्टअप को उनके इनोवेशन और समुदाय के विकास के प्रति समर्पण के लिए बधाई दी। इस कार्यक्राम में उन्होंने राष्ट्रीय मंच पर आदिवासी भारत की आकांक्षाओं और क्षमता का प्रतिनिधित्व करने के लिए सभी भाग लेने वाले उद्यमियों के प्रयासों की सराहना की। गंगटोक बेस्ड आवरगेस्ट ट्रैवल्स को डी2सी (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पूर्वोत्तर के पहले ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर (ओटीए) के रूप में, यह सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर में होमस्टे, फार्मस्टे, रिसॉर्ट और गाइडेड अनुभवों का एक क्यूरेटेड कलेक्शन प्रदान करता है।
600 से ज्यादा होमस्टे और 50 प्लस गाइड के साथ, इस प्लेटफार्म ने 6,000 से ज्यादा यात्रियों को सेवा दी है और ग्रामीण आजीविका और इको-टूरिज्म का समर्थन किया है। यह मान्यता मंत्रालय के 100-दिवसीय एजेंडे के तहत दी गई है, जिसमें एक मजबूत आदिवासी स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने में मदद मिलेगी है। आईआईटी गुवाहाटी में इनक्यूबेट किए गए, न्गुरी ऑर्गेनिक को टिकाऊ कृषि में अपने परिवर्तनकारी काम के लिए एग्रीटेक अवार्ड मिला। स्टार्टअप डेटा-संचालित शोध, सटीक कृषि और ब्लॉकचेन आधारित ट्रांसपेरेंसी का उपयोग करके किसानों को सशक्त बनाता है।
तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन 45 आदिवासी स्टार्टअप संस्थापकों, 100 ईएमआरएस (एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय) छात्रों और उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले 150 आदिवासी छात्रों को भागीदारी प्रमाण पत्र वितरित करने के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने आईआईटी दिल्ली में एक बूटकैंप में भी भाग लिया और 'स्टार्टअप महाकुंभ' कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक्सपोजर विजिट में भी भाग लिया।
इनपुट-आईएएनएस
