टेक एंड गैजेट्स

Startup Funding: रिटेल स्टार्टअप बने निवेशकों की पसंद, ग्रामीण इलाकों में शहरों से ज्यादा खपत से मांग बढ़ी

Startup Funding In Retail Sector: फ्लिपकार्ट ने 350 मिलियन डॉलर, अपोलो 24/7 ने 297 मिलियन डॉलर और मीशो ने 275 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है, जो यह दिखाता है कि रिटेल सेक्टर को लेकर निवेशक काफी आशावादी हैं।

Image

रिटेल स्टार्टअप में फंडिंग बढ़ी

Startup Funding In Retail Sector:भारत की अर्थव्यवस्था में तेज गति से वृद्धि होने के कारण खपत में भी इजाफा हो रहा है। इस वजह से निवेशक भी खपत से जुड़े स्टार्टअप में जमकर निवेश कर रहे हैं।डेटा इंटेलिजेंस फर्म ट्रैक्सन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2024 की पहली छमाही में रिटेल सेक्टर की फंडिंग 32 प्रतिशत बढ़कर 1.63 अरब डॉलर हो गई है, जो कि 2023 की पहली छमाही में 1.23 अरब डॉलर थी।रिपोर्ट में आगे कहा गया कि 2024 की पहली छमाही में कुल फंडिंग राउंड में से आठ में 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा की फंडिंग हुई है।

किसको कितनी फंडिंग

फ्लिपकार्ट (Flipkart) ने 350 मिलियन डॉलर, अपोलो 24/7 ने 297 मिलियन डॉलर और मीशो (Meesho) ने 275 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है, जो यह दिखाता है कि रिटेल सेक्टर को लेकर निवेशक काफी आशावादी हैं। यूबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक दशक में भारत में खपत बढ़कर करीब दोगुनी हो गई है। पिछले वर्ष यह 2.1 ट्रिलियन डॉलर पर थी। भारत 2026 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। पिछले साल भारत में खपत दुनिया की अन्य बड़ी अर्थव्यवस्था जैसे चीन, अमेरिका और जर्मनी के मुकाबले तेजी से बढ़ी थी।

घरेलू उपभोग बढ़ा

घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण के अनुसार, 2011-12 से ग्रामीण इलाकों में खर्च में 164 प्रतिशत और शहरी इलाकों में खर्च में 146 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सर्वेक्षण में बताया गया कि मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय (एमपीसीई) 2022-23 में 2011-12 की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में खर्च 164 प्रतिशत बढ़कर 3,773 रुपये और शहरी इलाकों में खर्च 146 प्रतिशत बढ़कर 6,459 रुपये हो गया है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article