टेक एंड गैजेट्स

AI डीपफेक का ऑडियो वर्जन इमरान खान के लिए नई उम्मीद, जेल से वोट मांगने में मददगार बना वॉयस क्लोन

Ai Voice Clone: जेल में बंद इमरान खान की आवाज को क्लोन करने के लिए उनकी पार्टी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वॉयस क्लोनिंग प्लेटफॉर्म इलेवनलैब्स का इस्तेमाल किया है। किसी भी व्यक्ति की आवाज को क्लोन करने के लिए 10 सेकंड का ऑडियो काफी होता है।

Image

वॉयस क्लोनिंग टेक्नोलॉजी

Photo : Twitter

Ai Voice Clone: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने जेल से एआई (AI) की मदद से भाषण दिया है। दरअसल, पाकिस्तान में अगले साल 8 फरवरी को आम चुनाव हैं और इमरान खान की पार्टी पीटीआई अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से वोट मांग रही है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने जेल में बंद पूर्व क्रिकेटर के एआई भाषण के लिए वॉयस क्लोनिंग टेक्नोलॉजी की मदद ली है। चलिए जानते हैं क्या है यह टेक्नोलॉजी और कैसे काम करती है।

क्या है वॉयस क्लोनिंग टेक्नोलॉजी

वॉयस क्लोनिंग टेक्नोलॉजी, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके किसी व्यक्ति की आवाज को बनाने का काम करती है। इसे वॉयस सिंथेसिस या वॉयस मिमिक्री भी कहा जाता है। इस तकनीक में, किसी व्यक्ति की आवाज को पूरी तरह से कॉपी करने के लिए उसकी अनोखी मुखर विशेषताओं का विश्लेषण और सीखने की जरूरत होती है। और एआई इसमें माहिर है।

जेल से इमरान खान ने कैसे दिया भाषण?

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, जेल में बंद इमरान खान की आवाज को क्लोन करने के लिए उनकी पार्टी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वॉयस क्लोनिंग प्लेटफॉर्म इलेवनलैब्स का इस्तेमाल किया है। क्लोनिंग के दौरान एआई मॉडल को उनके पिछले भाषणों के ऑडियो के साथ फीड किया गया था।

कथित तौर पर, इमरान खान ने अपने भाषण को अपने वकीलों के माध्यम से शॉर्टहैंड स्क्रिप्ट के रूप में भेजा और उनकी पार्टी की सोशल मीडिया टीम ने चार मिनट के ऑडियो मैसेज को प्ले करने और के ऑडियो को डब करने के लिए एआई की मदद ली और टेलीकास्ट किया।

कितना सटीक है वॉयस क्लोनिंग टेक्नोलॉजी

वॉयस क्लोनिंग टेक्नोलॉजी को ऑडियो डीपफेक भी कहा जा सकता है। इस एआई टेक्नोलॉजी में आवाज को इस हद तक क्लोन किया जा सकता है कि असली और नकली का फर्क भी नहीं समझ आता। एक वॉयस क्लोन एक सिंथेटिक ऑडियो है जो जेनरेटिव एआई टूल्स का उपयोग करके बनाया जा सकता है। इसको किसी व्यक्ति के सैंपल ऑडियो पर प्रशिक्षित किया जाता है। ये टूल्स 29 भाषाओं और 50 से अधिक उच्चारणों में 95% सटीकता के साथ क्लोन बना सकता है।

आवाज क्लोन करने के लिए 10 सेकंड का ऑडियो ही काफी

किसी भी व्यक्ति की आवाज को क्लोन करने के लिए 10 सेकंड के ऑडियो की भी मदद ली जा सकती है। यानी छोटे इनपुट से भी वॉयस क्लोन बनाया जा सकता है। वहीं पेशेवर व्यक्तियों के भाषण शैली, मूड और ठहराव को पकड़ने के लिए 5-10 मिनट के ऑडियो की आवश्यकता होती है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें
End of Article