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Google Play Store पर आएगा नया Age Verification सिस्टम, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा होगी मजबूत?

अगर Play Age Signal API को बड़े स्तर पर अपनाया जाता है, तो बच्चों और किशोरों को उनकी उम्र के अनुरूप ऐप्स और डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। वहीं, अभिभावकों को भी अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा।

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ऐप स्टोर्स पर बढ़ रहा नियामकीय दबाव

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा और उम्र की पुष्टि को लेकर बढ़ते वैश्विक दबाव के बीच Google ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह अपने Play Age Signal API को दुनिया के सभी देशों में उपलब्ध कराएगी। इस सिस्टम का उद्देश्य ऐप डेवलपर्स को यूजर्स की आयु की पुष्टि करने में मदद करना है, ताकि बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से ही ऐप्स और कंटेंट दिखाया जा सके। Google का कहना है कि यह फीचर 2026 के अंत तक अमेरिका समेत सभी देशों में रोलआउट कर दिया जाएगा।

बिना ID या सेल्फी के होगी उम्र की पुष्टि

Google के अनुसार, Play Age Signal API की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें यूजर्स को अपनी पहचान साबित करने के लिए न तो कोई सरकारी ID देनी होगी और न ही सेल्फी अपलोड करनी होगी। यह सिस्टम Google के Family Link ऐप से जुड़ा होगा, जिसके जरिए माता-पिता अपने बच्चों के मैनेज्ड अकाउंट के लिए उम्र की सीमा तय कर सकेंगे।

उदाहरण के तौर पर, यदि कोई अभिभावक अपने बच्चे की आयु 16-17 वर्ष के बीच निर्धारित करता है, तो उसे केवल उसी आयु वर्ग के अनुरूप ऐप्स और कंटेंट डाउनलोड करने की अनुमति मिलेगी। समय के साथ बच्चे की उम्र बढ़ने पर यह आयु सीमा भी स्वतः अपडेट हो सकेगी।

ऐप स्टोर्स पर बढ़ रहा नियामकीय दबाव

Google का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया के कई देशों की सरकारें ऐप स्टोर्स से यूजर्स की उम्र की पुष्टि करने की मांग कर रही हैं। खासकर अमेरिका के टेक्सास, लुइज़ियाना और यूटा जैसे राज्यों ने वयस्क (Adult) कंटेंट तक पहुंच के लिए आयु सत्यापन से जुड़े नए कानून लागू किए हैं।

ऐसे माहौल में Google का नया सिस्टम ऐप डेवलपर्स को कानूनी नियमों का पालन करने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि अलग-अलग देशों के कानूनों के अनुरूप यह तकनीक कितनी प्रभावी साबित होती है।

प्राइवेसी और प्रभावशीलता पर उठ रहे सवाल

हालांकि Google का कहना है कि यह सिस्टम यूजर्स की निजता का सम्मान करता है, लेकिन प्राइवेसी विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट पर बढ़ती Age Verification व्यवस्था ऑनलाइन गुमनामी को प्रभावित कर सकती है।

इसके अलावा, इस सिस्टम की प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि उम्र संबंधी जानकारी साझा करना पूरी तरह स्वैच्छिक होगा और सभी माता-पिता Family Link में आयु सीमा सेट करें, यह जरूरी नहीं है। वहीं, बच्चे दूसरा Google अकाउंट बनाकर गलत उम्र दर्ज करके इस सिस्टम को बायपास भी कर सकते हैं।

डेवलपर्स के लिए भी नहीं होगी अनिवार्यता

Google ने स्पष्ट किया है कि Play Age Signal API का इस्तेमाल करना ऐप डेवलपर्स के लिए अनिवार्य नहीं होगा। यानी कोई डेवलपर चाहे तो इस सिस्टम को अपनाए या नहीं। फिलहाल Google Play Store पर पहले से ही ऐप्स के लिए कंटेंट रेटिंग सिस्टम मौजूद है, लेकिन नया API डेवलपर्स को उम्र के आधार पर बेहतर कंटेंट फिल्टरिंग की सुविधा देने का प्रयास करेगा।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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